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बीस साल में मजबूत हुई गुजरात की नींव, अब कुलांचे भरने का समय : मोदी

राष्ट्रीय

अहमदाबाद : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को सौराष्ट्र में धुआंधार प्रचार कर अमरेली और बोटाद में भी सभाएं कीं. इस दौरान प्रधानमंत्री ने विरोधियों पर हमला किए और पूरे गुजरात में औद्योगिक व कृषि क्षेत्रों में परिवर्तन का जिक्र किया.

विकास आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी

उन्होंने राज्य में किए गए 20 सालों के विकास कार्यो को मील का पत्थर बताया. मोदी ने कहा कि विकास आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है. उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि अब लोगों को कांग्रेस से कोई अपेक्षा नहीं है. मोदी ने राहुल गांधी का बिना नाम लिए कहा कि वे लोग नर्मदा विरोधियों को लेकर घूम रहे हैं.

समुद्री व्यापार बढ़ने से यह क्षेत्र गतिशील होगा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि गुजरात में पिछले 20 वर्ष में हजारों नए उद्योग स्थापित हुए, जिससे राज्य की नई छवि बनी और हजारों लोगों को रोजगार का अवसर मिला. अमरेली जिले के पीपावाव पोर्ट का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि यह पोर्ट पहले भी था, लेकिन नाम का अब वह जीवंत होकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार का केन्द्र बना है. उत्तर भारत को जोड़नेवाला फ्रेट कोरीडोर पीपावाव से जुड़ेगा. समुद्री व्यापार बढ़ने से यह क्षेत्र गतिशील होगा.

पानी की समस्या

मोदी ने कहा कि इस क्षेत्र में पानी की समस्या थी, लेकिन जब सरकार के प्रयास से पानी, सिंचाई, चेकडैम, तालाब के लिए काम होने लगे तो वरुण देवता भी मेहरबान हो गए. आज अमरेली के सैकड़ों गांवों में अब पाइपलाइन से पानी पहुंचता है. पूर्ववर्ती सरकारों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पहले कोई विधायक एक गांव में हैंडपंप लगाता था तो चार-चार चुनाव जीत जाता था. हम तो घर-घर पाइप से पानी पहुंचा रहे हैं.

कृषि क्षेत्र में कायाकल्प

मोदी ने कहा कि गुजरात में कृषि क्षेत्र में कायाकल्प हुआ है. दो दशक पहले किसी ने इस पर विचार ही नहीं किया था. अब सिंचाई की सुविधा के कारण तीन-तीन फसल पैदा करते हैं. ज्योतिग्राम योजना से किसानों को बिजली मिली तो कृषि महोत्सव से खेती में बदलाव आया. सिंचाई के लिए राज्य में 70 हजार किलोमीटर नहरों का नेटवर्क बनाया गया.

खेती को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाया गया

सवा करोड़ स्वाइल हेल्थ कार्ड बनाया जिससे जमीन की स्थिति सुधरी. पशुओं का भी टीकाकरण कर बेहतर देखभाल किया गया. पशुपालकों और मछुआरों को भी किसान क्रेडिट कार्ड दिए गए हैं. मत्स्य विभाग का अलग मंत्रालय बनाया. डेढ़ दशक पर बिजली पर 75 हजार करोड़ रुपये सब्सिडी दी ताकि किसानों को बिजली महंगी नहीं मिली. एक कृषि विवि था, अब चार कृषि विवि बन चुके हैं. खेती को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाया गया.

डबल डिजिट में विकास दर

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्षों से कृषि विकास दर जो पहले माइनस में थी, आज डबल डिजिट में है. सिंचाई का दायर भी 20 साल में सवा दो गुणा हो गया. अनाज का उत्पादन भी पहले से दो गुणा हो गया है. दूध का उत्पादन भी ढाई गुणा, सब्जी भी चार गुणा, और फलों का उत्पादन तीन गुणा बढ़ा है. कमलम की खेती विदेशी में जा रही है. कच्छ का हापुस विदेश जा रहा है.

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