French writer Anne Arnoux

फ्रांसीसी लेखिका एनी एरनॉक्स को मिला साहित्य का नोबेल पुरस्कार

विदेश

फ्रांसीसी लेखिका एनी एरनॉक्स को साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला है. दुनिया के सर्वाधिक प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कारों के एलान का सिलसिला जारी है. गुरुवार को साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार की घोषणा की गयी. दुनियाभर में विज्ञान, साहित्य, चिकित्सा और शांति के क्षेत्र में काम करने वालों को नोबेल पुरस्कारों के एलान की प्रतीक्षा रहती है.

ये पुरस्कार श्रेष्ठ मान्यता का प्रतीक

ये पुरस्कार इन क्षेत्रों में वैश्विक रूप से श्रेष्ठ मान्यता का प्रतीक माने जाते हैं. गुरुवार को साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार का एलान हुआ. रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने फ्रांसीसी लेखिका एनी एरनॉक्स को वर्ष 2022 के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की.

एरनॉक्स लेखन को एक राजनीतिक क्रियाकलाप मानती हैं

उन्हें व्यक्तिगत स्मृति की प्रारंभिक अवस्थाओं, व्यवस्थाओं और सामूहिक प्रतिबंधों को उजागर करने के साहस के लिए यह पुरस्कार दिया गया है. एरनॉक्स लेखन को एक राजनीतिक क्रियाकलाप मानती हैं, ताकि सामाजिक असमानता को लेकर दुनिया की आंखें खोली जा सकें. इसके लिए वे भाषा को एक चाकू की तरह इस्तेमाल करती हैं.

इससे पहले रसायन शास्त्र के लिए पुरस्कार की घोषणा की गयी थी

इससे पहले अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की कैरोलिन आर. बेरटोजी, डेनमार्क के कोपेनहेगन विश्वविद्यालय के मॉर्टेन मेलडॉल और अमेरिका के स्क्रिप्स रिसर्च सेंटर के के. बैरी शार्पलेस को रसायन शास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार दिये जाने की घोषणा की गयी थी.

क्लिक केमिस्ट्री और बायोऑर्थोगोनल केमिस्ट्री के लिए मिला पुरस्कार

इन वैज्ञानिकों को क्लिक केमिस्ट्री और बायोऑर्थोगोनल केमिस्ट्री के विकास के लिए यह पुरस्कार मिला है. मंगलवार को फ्रांसीसी वैज्ञानिक एलेन एस्पेक्ट, अमेरिकी वैज्ञानिक जॉन एफ क्लॉजर और ऑस्ट्रियाई वैज्ञानिक एंटोन जिलिंगर को संयुक्त रूप से भौतिकी के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की घोषणा हुई थी.

इन तीनों वैज्ञानिकों ने अलग- अलग काम करते हुए क्वांटम मैकेनिक्स के क्षेत्र में विशिष्ट शोध किया है. यह शोध उस प्रक्रिया पर केंद्रित है, जहां किसी पदार्थ के दो कण अलग- अलग होकर भी एक इकाई के रूप में काम करते हैं. इन वैज्ञानिकों के शोध परिणामों ने क्वांटम सूचना तंत्र के आधार पर नई तकनीक के विकास का पथ प्रशस्त किया है. सोमवार को मेडिसिन के लिए स्वीडन के आनुवांशिकी विशेषज्ञ (जेनेटिसिस्ट) स्वांते पाबो को विलुप्त होमिनिन और मानव विकास के जीनोम से संबंधित उनकी खोजों के लिए वर्ष 2022 का नोबेल पुरस्कार देने का ऐलान हुआ था. स्वांते पाबो विकासवादी अनुवांशिकी के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखते हैं. पैलियोजेनेटिक्स के संस्थापकों में एक स्वांते पाबो ने निएंडरथल जीनोम पर बड़े पैमाने पर काम किया है.

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