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बिहार, झारखंड और यूपी के युवाओं से नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी, एक सदस्य गिरफ्तार

बिहार

बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के सैकड़ों लड़के-लड़कियों को सरकारी संस्थान में नौकरी के नाम पर बेगूसराय बुलाकर शादी करने का खुलासा हुआ है. ठगी के शिकार युवकों की शिकायत पर पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि गिरोह के एक युवक एवं एक युवती पुलिस की भनक लगते ही फरार हो गए हैं.

प्रशिक्षण के नाम पर 25 हजार जमा कराये

वैशाली जिला के महुआ थाना क्षेत्र निवासी इंद्र कुमार नाम के ठग को बेगूसराय जिला मुख्यालय के पिपरा चौक के समीप से रतनपुर सहायक थाना की पुलिस ने गिरफ्तार किया है तथा पूछताछ की जा रही है. गिरोह के ठगी का शिकार हुए सोनू कुमार, सुनील कुमार, राहुल, कौशल, अमित, बिट्टू एवं मनीष आदि ने बताया कि सरकारी दवा कंपनी में नौकरी के नाम पर बेगूसराय के पिपरा चौक के समीप स्थित कार्यालय में बुलाया गया. यहां जॉइनिंग एवं उससे पहले ग्लेज इंडियन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रशिक्षण के नाम पर 25 हजार रुपये जमा कराया गया. लेकिन कुछ दिन के बाद इन लोगों का व्यवहार देखकर ठगी का एहसास हो गया.

तीन सौ से अधिक युवा बने शिकार, पैसा मांगने पर शोषण

नौकरी के नाम पर तीन सौ से अधिक लड़के-लड़कियों से 25-25 हजार रुपये लिए गए और जो पैसा वापस मांगने या घर जाने की बात करता था, काजल नाम की लड़की उसे अपने प्रेमजाल में फंसा लेती थी. इसके अलावा शारीरिक, आर्थिक और मानसिक शोषण भी किया जाता है. बताया कि हम लोग कुछ दिन पहले किसी तरह फरार हो गए.

बलात्कार के केस में फंसाने की धमकी

शुक्रवार को जब पुनः पिपरा चौक के समीप आकर अपना 25 हजार रुपये वापस मांगा तो इन लोगों ने बदतमीजी की तथा काजल ने बलात्कार के केस में फंसाने की धमकी दी. केश के अनुसंधानकर्ता स.अ.नि. कन्हैया कृष्ण ने बताया कि धोखाधड़ी के धारा के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान एवं कार्रवाई की जा रही है. गिरोह के शेष सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जाएगा.

गिरोह तीन-चार साल से चल रहा ठगी का धंधा

बताया जा रहा है कि ठगी का यह गिरोह तीन-चार साल से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाके के लोगों को बेगूसराय बुलाता है तथा बेगूसराय के पिपरा एवं रतनपुर के विभिन्न लॉज में रखकर इन युवक-युवतियों को कथित रूप से अलका सिनेमा हॉल के समीप प्रशिक्षण दिया जाता है. इसके लिए 15 से 25 हजार तक रुपये वसूल किए जाते हैं. कथित प्रशिक्षण देने के दौरान गिरोह के सदस्य सभी को अपने पहचान के पांच-पांच लोगों को बुलाने तथा उनका नंबर लेकर बात करते हैं.

कुछ दिन पूर्व भी हुआ था गिरफ्तार, पूछताछ के बाद छोड़ दिया था

कुछ दिन पूर्व भी ठगी के शिकार युवकों की शिकायत पर पुलिस ने गिरफ्तार किया था, लेकिन पूछताछ के दौरान छोड़ दिया गया तथा कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से यह धंधा बेरोकटोक चल रहा है. फिलहाल ठग की गिरफ्तारी के बाद अभी वर्तमान में बेगूसराय बुलाए गए गरीब परिवार के पांच सौ से भी अधिक युवक-युवती काफी परेशान हैं.

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