सदर अस्पताल रांची में “फैटी लीवर मुक्त” अभियान का शुभारम्भ किया गया

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रांची : स्वास्थ रांची स्वास्थ राष्ट्र के उदेश्य से रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के पहल पर एवं विश्व प्रसिद्ध लीवर रोग विशेषज्ञ डॉ० शिव कुमार सरीन के सान्निध्य में ILBS एवं सदर अस्पताल रांची के द्वारा “फैटी लीवर मुक्त” रांची अभियान का शुभारम्भ आज सदर अस्पताल परिसर सभागार से किया गया. कार्यक्रम का शुभारम्भ रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के द्वारा किया गया. कार्यक्रम के तहत् आज सदर अस्पताल सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें सभी प्रखण्ड से प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, चिकित्सकगण, प्रखण्ड डाटा प्रबंधक, सहिया एंव अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए.

कार्यक्रम में श्री संजय सेठ, लीवर रोग विशेषज्ञ डॉ० शिव कुमार सरीन, Director ILBS, (Virtual रूप से) डॉ० बी. बी रेवाड़ी, Professor ILBS, डॉ० कनिका कौशल, Associate Professor ILBS, डॉ० प्रभात कुमार, सिविल सर्जन रांची, डॉ० विमलेश, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, प्रवीण कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए.

आज फैटी लीवर देशभर में एक ज्वलंत समस्या : डॉ० प्रभात कुमार

डॉ० प्रभात कुमार, सिविल सर्जन रांची ने कहा कि आज फैटी लीवर देशभर में एक ज्वलंत समस्या है. राज्य में भी लोग इससे पीड़त है कार्यक्रम के तहत् जिला को फैटी लीवर मुक्त करते हुए रांची को देशभर में रोल मॉडल के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है . देश को आज Diabetes Capital of World भी कहा जाता है. इन सभी बिमारियों को एक स्वास्थ्य एंव नियमित जीवन शैली अपना कर रोका जा सकता है.

भारत में तकरीबन 30 करोड लोग फैटी लीवर से पीड़ित: डॉ० शिव कुमार

डॉ० शिव कुमार सरीन, विख्यात लीवर रोग विशेषज्ञ एवं Director ILBS ने कहा कि भारत में तकरीबन 30 करोड लोग फैटी लीवर से पीड़ित है. आज हर तीन में से एक व्यक्ति में फैटी लीवर पाया जाता है. फैटी लीवर एल्कोहलिक एवं नॉन एल्कोहलिक होता है . लीवर में फैट होने से शरीर को ज्यादा इनसुलिन कि आवश्यकता होती हैं जो आगे चलकर मधुमेह का भी

कारण बनता है. लीवर में फैट जमा होने से अन्य बिमारियाँ जैसे उच्च रक्त चाप, हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर इत्यादि होने की संभावना बढ़ जाती है. फैटी लीवर होने का एक मुख्य कारण मोटापा भी है.

भारत 2021 में विश्व का पहला देश बना है जिसने फैटी लीवर को अपने राष्ट्रीय कार्यक्रम नॉन कम्युनिकेबल डिजिज में शामिल किया है. हम अपने जीवन शैली में बदलाव लाकर इसकी रोक थाम कर सकते है, खाने में मोटी अनाज, फल, सब्जी, दाल इत्यादि को शामिल करना है और जंक फुड को पूरी तरह से छोड़ना है . इसके साथ ही शारीरिक व्यायाम एवं अन्य दैनिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या में शमिल करके हम स्वास्थ्य रह सकते है.

कोई भी चिकित्सक हमे स्वास्थ्य नही दे सकता हैं इसे हमें खुद कमाना ( Earn) होगा . मेरा मकसद है कि हम सभी एक स्वास्थ्य जीवन शैली अपना कर लीवर को सुरक्षित रखे एवं बीमारियों से बचें. लीवर हमारे शरीर को इम्युनिटी देता है I

एक अच्छी जीवन शैली अपना कर हम लीवर को स्वास्थ्य रख सकते हैं : संजय सेठ

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ जी ने कहा कि डॉ० सरीन ने आम भाषा में बड़े अच्छे तरीके से बताया कि एक अच्छी जीवन शैली अपना कर हम लीवर को स्वास्थ्य रख सकते हैं. रांची जिला को इस कार्यक्रम के तहत् एक रोल मॉडल के रूप में फैटी लीवर मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य हैं इसमें आम जन एंव स्वास्थ्य कर्मी की सहभागिता जरूरी है. जिला के सभी गॉव में फैटी लीवर से संबंधित जॉच के लिए अत्याधुनिक उपकरण से लैस चार बस उपलब्ध कराई जायेगी जो गॉव-गॉव जाकर लोगो का स्क्रीनिग करेगी. जिला में एक साल में तकरीबन 60 हजार लोगो (Approx 2% Population) का स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य है .

फैटी लीवर की इस दुनिया में कोई दवा नही

फैटी लीवर की इस दुनिया में कोई दवा नही है. इसके लिए जागरूक होकर एक संतुलित जीवन शैली अपनाकर इससे बचा जा सकता है. सभी लोगो से अपील है कि नशे का सेवन ना करें एवं जंक फुड से पूरी तरह से दूर रहे इसका सेवन ना करे . माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी जी ने वर्ष 2023 को मिलेट वर्ष घोषित करते हुए मोटे अनाज के सेवन को बढ़वा दिया है. मोटा अनाज खाने से शरीर स्वास्थ्य रहता हैं . हमें रांची को फैटी लीवर मुक्त जिला बनाना है ताकि पूरे देश में एक अच्छा संदेश जाये .

डॉ० बी.बी रेवाड़ी (प्रोफेसर ILBS) ने कहा कि दूध वाली चाय को छोड़कर दिन में दो बार ब्लैक कॉफी का सेवन करने से फैटी लीवर की समस्या को रोका जा सकता है I

डॉ० कनिका कौशल ने बताया कि फैटी लीवर बहुत सारे रोगो का जड़ है हर एक व्यक्ति स्वास्थ्य जीवन शैली अपना कर इसे खत्म कर सकता है.

सुरेन्द्र नाथ स्कूल की शिक्षिका डॉ० निवेदिता ने बताया कि आज स्कूल में शिक्षक के माध्यम से अभिभावक को जागरूक करते हुए बच्चो के सम्पूर्ण शारीरिक विकास पर ध्यान देने को कहा जा रहा है. बच्चो को घर का बना भोजन करने एंव जंक फुड नही खाने पर ध्यान दिया जा रहा हैं साथ ही बच्चों को शारीरिक गतिविधि एंव खेल – कूद में भाग लेने को प्रोत्साहित किया जा रहा हैं .

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