By-Election 22

विधानसभा के उपचुनाव 22 की घोषणा के बाद जिले में आचार संहिता लागू

बिहार

निर्वाचन आयोग ने गोपालगंज विधानसभा के उप चुनाव की तारीख घोषित कर दी है। चुनाव की तिथि की घोषणा होते ही आचार संहिता जिले में प्रभावी हो गई है. इसको लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलापदाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए आज बताया भारत निर्वाचन आयोग के जारी दिशा निर्देश की जानकारी दी.

उपचुनाव के लिए 7 अक्टूबर को अधिसूचना जारी करने के साथ ही नामांकन शुरू हो जाएगा

उन्होंने बताया कि गोपालगंज विधानसभा उपचुनाव के लिए 7 अक्टूबर को अधिसूचना जारी करने के साथ ही नामांकन शुरू हो जाएगा. 14 अक्टूबर तक नामांकन पत्र भरे जाएंगे। 15 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 17 अक्टूबर तक नामांकन वापसी होगी. 3 नवंबर को मतदान और 6 नवंबर को मतगणना की तिथि निर्धारित की गयी है. 8 नवंबर तक चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी.

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देश के आलोक में उपचुनाव 1 जनवरी 2022 को तैयार मतदाता सूची के आधार पर करायी जाएगी. इसके अलावा उपचुनाव में ईवीएम और वीवीपैट का उपयोग होगा. मतदाता उपचुनाव में वोटर आईडी के अलावा 12 अन्य वैकल्पिक पहचान पत्रों का उपयोग कर सकेंगे। जिसमें आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट समेत अन्य दस्तावेज शामिल है.

डीएम ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचना के साथ ही जिले में आदर्श आचार संहिता लागू

डीएम ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचना के साथ ही जिले में आदर्श आचार संहिता लागू हो गया है. जिसके तहत इन जिले के सभी राजनीतिक दलों को आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा. चुनाव आचार संहिता के नियम को सख्ती से लागू किया गया है जिसे हर कोई को पालन करना होगा. अगर इन नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके लिए सजा का प्रावधान भी है। चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है. उन्होंने कहा कि उप चुनाव में कोविड-19 को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना होगा. इसे लेकर सभी निर्वाचन पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है.

निर्वाची पदाधिकारी डॉ प्रदीप कुमार ने बताया

निर्वाची पदाधिकारी डॉ प्रदीप कुमार ने बताया कि आचार संहिता प्रभावी होते ही जिले में बैनर पोस्टर हटाना शुरू कर दिया है. अब कोई भी व्यक्ति को लिखकर, बोलकर, प्रतीक के माध्यम से किसी के धर्म, जाति, राजनीतिक दल व उम्मीदवार की भावना आहत करने की छूट नहीं होगी. मत प्राप्त करने के लिए जाति, सांप्रदायिक और धार्मिक भावना का परोक्ष या अपरोक्ष रूप से सहारा लेने की छूट नहीं होगी.

उप निर्वाचन पदाधिकारी शशि प्रकाश राय ने बताया कि आम लोगों के आचार संहिता के नियम की जानकारी होनी चाहिए. इसके लिए आयोग का निर्देशित भी किया है. चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद अगर किसी व्यक्ति के पास लाइसेंसी हथियार है तो उसे जमा कराना पड़ता है. नहीं तो अगर अगर हथियार के साथ पकड़े गए तो कार्रवाई की जिला निर्वाचन पदाधिकरी के द्वारा किया जाएगा. अवैध हथियार या अवैध तरीके से हथियार रखने वालों पर भी कार्रवाई हो सकती है.

सोशल मीडिया पर चुनाव संबंधित भड़काऊ पोस्ट

सोशल मीडिया पर चुनाव संबंधित भड़काऊ पोस्ट या सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाला पोस्ट करने पर भी कार्रवाई हो सकती है. सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर किसी व्यक्ति या समूह को किसी विशेष राजनीतिक पार्टी और नेता को वोट करने के लिए उकसाने पर भी कार्रवाई हो सकती है. बता दें कि जबकि गोपालगंज सीट बीजेपी के विधायक और पूर्व मंत्री सुभाष सिंह के लंबी बीमारी के कारण निधन होने के कारण खाली हुई है. वे चार बार से लगातार विधायक रहे.

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