पलामू : मेदिनीनगर सदर थाना क्षेत्र के सिंगरा के रहने वाले बीएसएफ जवान अमित शुक्ला (30वर्ष) पिता उपेंद्र शुक्ला का पार्थिव शव सोमवार सुबह घर लाया गया. बीएसएफ के वाहन से पार्थिव शव तिरंगे में लिपटा ताबूत में लाया गया. पार्थिव शव लाते समय गांव के युवकों ने मोटरसाइकिल से आगे आगे चलकर अमित शुक्ला के लिए नारे लगा रहे थे. डेड बॉडी घर पहुंचते ही परिजन और अन्य रिश्तेदार दहाड़ मार कर रोने लगे. गांव का माहौल ज्यादा गमगीन हो गया.
पार्थिव शव का घर पर अंतिम दर्शन के बाद दाह संस्कार के लिए अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें सांसद वीडी राम, पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी, राजद नेत्री ममता भुइयां, बीजेपी जिलाध्यक्ष अमित तिवारी, भाजयुमो के जिलाध्यक्ष ज्योति पांडे के अलावा अन्य गण्यमान्य लोग मौके पर पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मिलकर उन्हें ढाढस बंधाया.
बताते चले कि अमित शुक्ला की मौत जम्मू कश्मीर में सड़क हादसे में शनिवार की सुबह हो गई थी. बीएसएफ जवान अमित शुक्ला चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए घर पर ड्यूटी से छुट्टी लेकर आ रहे थे. शुक्रवार की रात दस बजे छिंदवाड़ा कैंप से जम्मू रेलवे स्टेशन जाने के लिए जाइलो वाहन से निकले थे. उनके साथ सीमा सुरक्षा बल की 26वीं वाहिनी के आठ जवान भी सवार थे. सभी अपने घर छुट्टी में जाने के लिए स्टेशन से ट्रेन पकड़ने निकले थे.
जम्मू के चिनैनी नाशरी टनल में तेज रफ्तार जाइलो पलट गई थी. इस घटना में अमित शुक्ला की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि बाकी के जवान जख्मी हैं.
अमित की मौत से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है. पांच भाई बहनों में अमित शुक्ला सबसे बड़े थे. दो भाई एवं तीन बहन होते हैं. 1 वर्ष पहले उनकी शादी हुई थी. उनकी पत्नी गर्भवती है. काश्मीर के छिंदवाड़ा में एक साल पहले उनकी पोस्टिंग हुई थी. सात साल पहले उनकी सीमा सुरक्षा बल में बहाली हुई थी.
सैन्य सम्मान दिया गया
पार्थिव शव घर आने के बाद अंतिम संस्कार से पहले जिला पुलिस के जवानों ने सलामी दी. इसके बाद कोयल नदी तट पर अंतिम संस्कार से पहले बीएसएफ के जवानों ने सैन्य सम्मान दिया. अमित को अंतिम विदाई देने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी. सारे लोग अमित को शहीद बता रहे थे. भारत माता की जय, वंदे मातरम, जबतक सूरज चांद रहेगा, अमित तेरा नाम रहेगा, शहीद अमित अमर रहे के नारे लगाए जा रहे थे. रविवार की देर शाम अमित का पार्थिव देह मेदिनीनगर आने पर उसे रातभर सीआरपीएफ की 112वीं बटालियन मुख्यालय में रखा गया था.