Nitish Kumar

नीतीश सरकार ने राज्य के छह हजार से अधिक किसानों को किया ब्लैकलिस्ट

बिहार

कृषि विभाग की ओर से सरकार का नियम नहीं मानने वाले राज्य के किसानों को उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाले सुविधा से वंचित कर दिया गया है. इस सुविधा के अब राज्य के करीब छह हजार से अधिक किसान वंचित हो गये है. इन किसानों को सरकार ने धान की खेती के बाद खेतों में पराली (पुआल) जलाने की सजा दी है.

पराली (पुआल) जलाने की सजा दी

राज्य सरकार ने धान की खेती के बाद खेतों में पराली जलाने पर प्रतिबंध लगाया है. इसके बाद भी बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं जो पुआल को जला देते हैं. इससे वायु प्रदूषण बढ़ने का खतरा रहता है. इसी कारण नीतीश सरकार ने पुआल जलाने पर प्रतिबंध लगा रखा है. बावजूद इसके पुआल जलाने वाले किसानों की संख्या कम नहीं रही है. ऐसे ही करीब 6 हजार किसानों को ब्लैकलिस्टेड किया गया है. खेतों में पराली जलाने की घटना गंभीर चिंता का विषय है.

पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ अभियान

कृषि विभाग ने कटाई के बाद पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ अभियान शुरू किया है. कृषि विभाग की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में राज्य के 20 जिलों के 6,066 किसानों को सरकार द्वारा काली सूची में डाला गया है. इन किसानों को काली सूची में डालने का मतलब है कि उन्हें अगले तीन वर्षों में सरकारी सब्सिडी और प्रोत्साहन नहीं मिल पायेगा.

उल्लेखनीय है कि सरकार कृषि विभाग में पंजीकृत किसानों के बैंक खातों में सीधे प्रोत्साहन और सब्सिडी हस्तांतरित करती रही है. इसका उद्देश्य किसानों को पराली जलाने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ उनके खेत की उर्वरता को नुकसान पहुंचाने से हतोत्साहित करना है.

किस जिले में कितने किसानों को किया गया ब्लैकलिस्ट


जिला                                     किसान

रोहतास                                  2,273

कैमूर                                      1,195

बक्सर                                     989

भोजपुर                                  592

नालंदा                                    431

गया                                        174

पटना                                      153

नवादा                                      71

औरंगाबाद                              68

जमुई                                     50

शेष किसानों को सीवान, गोपालगंज, बांका और मधुबनी जैसे 10 अन्य जिलों में काली सूची में डाल दिया गया है.

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