अन्तर महाविद्यालय क्रिकेट प्रतियोगिता में एस.एस. मेमोरियल महाविद्यालय रांची बना चैंपियन
Ranchi : बलदेव साहू महाविद्यालय में रांची विश्वविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय अन्तर महाविद्यालय क्रिकेट प्रतियोगिता का समापन आज हुआ। अंतिम दिन खेले गए फाइनल मुकाबले में बलदेव साहू महाविद्यालय लोहरदगा और एस.एस. मेमोरियल महाविद्यालय रांची आमने-सामने थे।
मैच का विवरण
पहले बल्लेबाजी करते हुए बलदेव साहू महाविद्यालय लोहरदगा की टीम 22.5 ओवर में सभी विकेट खोकर 127 रन ही बना सकी।
जवाब में एस.एस. मेमोरियल महाविद्यालय रांची ने 22.5 ओवर में 8 विकेट खोकर 131 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया और खिताब अपने नाम किया।
उल्लेखनीय प्रदर्शन
- बी.एस. लोहरदगा की ओर से
- अमित कुमार गुप्ता – 20 गेंद में 24 रन (टीम का सर्वाधिक स्कोर)
- सत्य प्रकाश – 5 ओवर, 17 रन, 2 विकेट
- एस.एस. मेमोरियल महाविद्यालय की ओर से
- रोनित आर्य – 24 गेंद पर 44 रन (मैच की सर्वश्रेष्ठ पारी)
- विक्की मछुआ – 3 ओवर में सिर्फ 3 रन देकर 3 विकेट (1 मेडन ओवर)
पुरस्कार सूची
- मैन ऑफ द मैच – रोनित आर्य
- बेस्ट बैट्समैन – सनी सचिन तिवारी
- मैन ऑफ द सीरीज – हिमांशु कुमार
- बेस्ट बोलर – अमृत उरांव
समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह
समापन समारोह में कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
- पूर्व राज्यसभा सांसद श्री धीरज प्रसाद साहू
- लोहरदगा के उपायुक्त डॉ. कुमार ताराचंद
- उप विकास आयुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत
- रांची विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ. गुरुचरण साहू
- छात्र कल्याण संकाय अध्यक्ष श्री सुदेश कुमार साहू
- एफ.ओ. श्री दिलीप प्रसाद
- एफ.ए. श्री अजय कुमार
- बलदेव साहू महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शशि गुप्ता
- खेल पदाधिकारी प्रो. आनंद मांझी
- पी.टी. सोनू बड़ाइक
- रांची विश्वविद्यालय क्रिकेट चयन समिति के अध्यक्ष श्री जयकुमार सिन्हा
- चयन समिति के सदस्य श्री चंचल भट्टाचार्य, श्री कुमुद रंजन, विजय कुमार वर्मा, अरुण कुमार, धीरज महतो,
डॉ. संतोष, डॉ. सुमन, प्रो. अजीत, डॉ. संजय, डॉ. रोशन, प्रो. अर्जुन, प्रो. शेरॉन,
प्रो. अंबिका, डॉ. निखिल, डॉ. अजय, डॉ. बूटन, प्रो. मुकेश, प्रो. रेखा, डॉ. पुष्पा,
प्रो. दीप, प्रो. सतीश उपस्थित थे।
इसके अलावा अनेक शिक्षकेतर कर्मी—श्री प्रकाश, श्री निराव, श्री रत्नेश, श्री सचिन, मनीष, रोहन,
अमरदीप, रोहित, निखिल, अशोक एवं अन्य लोगों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
