मंत्री दीपिका पांडे ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना, SIR प्रक्रिया को अनुचित और अवैध बताया

Ranchi : झारखंड सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता दीपिका पांडे सिंह ने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची सुधार की प्रक्रिया (SIR) आयोग की जिम्मेदारी है, लेकिन जिस तरीके से इसे जबरन लागू किया जा रहा है, वह बिल्कुल अनुचित और अवैध है.
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार चुनाव से पहले करीब 65 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए थे. सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद कुछ नाम वापस से जोड़े जा सके. दीपिका पांडेय ने कहा कि मतदाता गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) में लगातार जमीनी स्तर पर गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आ रही हैं.
कांग्रेस नेता का कहना है कि आम जनता अपनी समस्याओं में उलझी रहती है, इसलिए उनकी आवाज उठाने का काम जन प्रतिनिधियों को करना पड़ता है. राहुल गांधी भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के खिलाफ लोगों की आवाज बनकर खड़े हैं.
मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग एक राजनीतिक एजेंसी की तरह काम कर रहा है और अपने बचाव में उन लोगों से प्रमाणपत्र दिलवा रहा है, जिनकी खुद की विश्वसनीयता पर सवाल हैं. पार्टी ने मांग की है कि चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और राजनीतिक दबाव से मुक्त रखे.
