रांची

शिक्षा का उद्देश्य संवेदनशील, सुसंस्कृत और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है: राज्यपाल

रांची, 16 नवंबर । शिक्षा का उद्देश्य केवल अंक अर्जित करना नहीं है, बल्कि संवेदनशील, संस्कारवान और ज़िम्मेदार नागरिक तैयार करना है। शिक्षा सिर्फ़ किताबों तक सीमित नहीं है; यह व्यक्ति के नैतिक और चारित्रिक मूल्यों का भी निर्माण करती है। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रविवार को रांची के श्यामली स्थित जवाहर विद्या मंदिर में आयोजित वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव हारबिंगर्स-2025 को संबोधित करते हुए ये बातें कही।

उन्होंने वर्ष 1966 में स्थापित इस प्रतिष्ठित विद्यालय की गौरवशाली परंपरा, अनुशासन और उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह हर्ष का विषय है कि यह विद्यालय न केवल झारखंड में बल्कि पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। उन्होंने पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सादगी, अनुशासन और प्रसिद्धि इस संस्था की मूल भावना का प्रतीक है।

राज्यपाल ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान को अभिव्यक्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। आज प्रस्तुत गीत, नृत्य, नाटक और विविध कलात्मक प्रस्तुतियां विद्यार्थियों की प्रतिभा, मेहनत और नवाचार की भावना को दर्शाती हैं।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए उन्होंने छात्रों को “खुद पर विश्वास रखने, कड़ी मेहनत करने और मुस्कुराते रहने” का संदेश दिया।

राज्यपाल ने झारखंड की वीरभूमि और भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष और प्रेरणादायी जीवन को स्मरण करते हुए विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे ईमानदारी, परिश्रम और सकारात्मकता को अपने जीवन में सर्वोच्च स्थान दें तथा अपने माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करें।

राज्यपाल ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए विद्यालय प्रशासन, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली के विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और अनुशासन से राज्य एवं देश का नाम आगे भी गौरवान्वित करते रहेंगे। राज्यपाल ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की

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