रांची

काले कारनामों का सहयोगी, जैप 2 आरक्षी रंजीत राणा सराहनीय सेवा की श्रेणी में कैसे आ गया : बाबूलाल मरांडी

रांची, 09 नवंबर । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को सवालों के कटघरे में खड़ा किया है।

मरांडी ने सोशल मीडिया एक्स पर रविवार लिखा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से राज्य में पुरस्कार देना उनका विशेषाधिकार है , वे जिसे चाहें, जब चाहें, किसी भी पुरस्कार से सम्मानित कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि राजा हैं चाहें तो चोर, उच्चके, डकैत किसी को भी सम्मानित कर सकते हैं। वैसे भी, उनके कार्यकाल में तो डीजीपी का पद भी मानो “पुरस्कार” बन गया है। जिसे मन आया, उसे दे दिया और जब मन बदला, वापस ले लिया। उनके रसूख़ के सामने क़ायदे-क़ानून की क्या औक़ात है।

उन्होंने कहा कि फिर भी, एक तथ्य मुख्यमंत्री के ध्यान में लाना चाहता हूँ। जानकारी मिल रही है कि जैप-2 के आरक्षी रणजीत राणा को भी सम्मानित करने की तैयारी है। सम्मानित होने वालों की सूची में 27 नम्बर पर शामिल यह वही चर्चित व्यक्ति है जो आज तक किसी भी नक्सल अभियान में शामिल नहीं हुआ बल्कि वर्ष 2015 से लगातार अनुराग गुप्ता के कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत रहा है।

उन्होंने कहा कि अनुराग गुप्ता के काले कारनामों का मददगार, राज़दार और हिस्सेदार की लिस्ट में शामिल ये सज्जन वही है जिसका नाम पहले भी मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया गया था। पुलिस महकमे से लेकर कोयला चोरी के अलावा हर ग़लत और काले काम करने वाला आदमी इसके चाल-चरित्र और धमक से वाक़िफ़ है।

उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि जब इसने कोई सराहनीय कार्य किया ही नहीं, तो इन्हें किस “सराहनीय कार्य “के लिए पुलिस पदक से नवाज़े जाने के लिये चुना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि क्या अब किसी वरिष्ठ अधिकारी के काले कारनामों में सहयोग देना और उनके गलत एवं ग़ैर क़ानूनी लूटपाट के कामों में हिस्सेदार बनना भी झारखंड सरकार में “सराहनीय सेवा” की श्रेणी में आ गया है।

उन्होंने कहा कि अगर यह ग़लती भी मुख्यमंत्री की ऑंख में धूल झोंककर करवाया जा रहा है तो क्यों न उनके संज्ञान में लाया जाए । बाकी मुख्यमंत्री की मर्जी।

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