रांची : लोकसभा चुनाव को लेकर तमाम राजनीतिक पार्टियों की ओर से कमर कस ली गई है. चुनावी समर में इस बार सोशल मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा. भाजपा सोशल मीडिया के जरिए 400 पार की पूरी तैयारी में जुटी है. दिन प्रतिदिन इसकी बढ़ रही उपयोगिता को देखते हुए विपक्ष की तुलना में भाजपा ने इसके लिए व्यापक तैयारी की है. झारखंड में सभी 14 सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही भाजपा इसके लिए आईटी प्रोफेशनल की बड़ी टीम खड़ी करने जा रही है.
झारखंड की सभी 14 सीटों को जीतने के लिए भाजपा ने युवा टेक्नीशियन को चुनावी नैया पार लगाने के लिए विशेष जिम्मेदारी दी है. सोशल मीडिया के साथ-साथ विपक्षी नेताओं के बयान पर पलटवार करने में इनकी भूमिका होगी. भाजपा आईटी सेल में पहले से कार्यरत करीब 20 युवा प्रोफेशनल के अलावा जल्द ही 30 अन्य प्रोफेशनल आयेंगे जिसमें दिल्ली एवं देश के अन्य शहरों के साथ-साथ स्थानीय आईटी एक्सपर्ट भी शामिल हैं. इन आईटी प्रोफेशनल को भाजपा ने बड़ी जिम्मेदारी दी है, जिसमें कॉल सेंटर के जरिए विपक्ष के बयानों का काट करने के साथ केन्द्रीय नेतृत्व से आने वाले दिशा-निर्देश को मिनटों में स्थानीय स्तर के भाजपा कार्यकर्ता तक पहुंचाया जायेगा.
इस संबंध में भाजपा नेता प्रदीप सिन्हा कहते हैं कि यह समय की मांग है. वक्त के साथ चुनाव लड़ने का पैटर्न भी बदला है इसी वजह से पार्टी ने अपनी रणनीति भी मॉर्डन रूप से तैयार की है, जिसमें आईटी प्रोफेशनल की टीम शामिल है
भाजपा के साथ-साथ इस बार के चुनाव में गैर भाजपा दल भी सोशल मीडिया का सहारा लेने में जुटे हैं. झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य का मानना है कि भाजपा साधन संपन्न पार्टी है. विपक्ष कम संसाधन में ही बेहतर काम करके दिखायेगा. भट्टाचार्य ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भले ही बड़ी आईटी टीम बनाकर भाजपा प्रोपेगेंडा फैलाने का काम करेगी मगर उनका यह दुष्प्रचार नहीं चलेगा. जनता प्रोपेगेंडा से नहीं बल्कि हकीकत में विश्वास करती है.
भाजपा नेताओं के द्वारा सोशल मीडिया का जमकर उपयोग किया जाता रहा है. बड़े नेता से लेकर मंडल स्तर के सभी छोटे पदाधिकारी तक सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं. इसका कॉर्डिनेशन करने का काम भाजपा आईटी सेल करती है. झारखंड भाजपा में सर्वाधिक सोशल मीडिया पर गोड्डा सांसद निशिकांत दूबे, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी जैसे बड़े नेता सक्रिय रहते हैं. कई मौके पर इनके सोशल मीडिया पोस्ट सियासी गलियारों में सुर्खियों में होतेहैं. ऐसे में भाजपा को उम्मीद है कि पिछले चुनाव की तरह इस बार के चुनाव में भी मजबूत आईटी टीम का लाभ पार्टी को जरूर मिलेगा.