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थैलेसीमिया एसोसिएशन ने मांगों को लेकर निकाला न्याय मार्च, नीति बनाने की मांग

रांची, 4 अक्टूबर । झारखंड थैलेसीमिया पीड़ित एसोसिएशन के तहत राज्य के विभिन्न जिलों के थैलेसीमिया, सिकल सेल, अप्लास्टिक एनीमिया पीड़ित और परिजनों का राज्यस्तरीय न्याय सह जनजागरुकता मार्च शनिवार को जयपाल सिंह मुंडा पार्क से राजभवन तक निकाला गया।

जनजागरुकता मार्च में रांची, खूंटी, लोहरदगा, रामगढ़, गुमला, हज़ारीबाग, लातेहार, पलामू, बोकारो के पीड़ित और परिजन शामिल हुए। थैलेसीमिया न्याय मार्च का नेतृत्व थैलेसीमिया पीड़ित छात्रा सोनम कुमारी, साकची सिंह और प्रतिज्ञा कुमारी ने किया।

थैलेसीमिया जनजागरुकता और न्याय मार्च में राज्य भर से पहुंचे पीड़ित और परिजनों ने अपनी मांगें तख्तियों पर लिखकर लाए थे।

एसोसिएशन की मुख्य मांगे

एसोसिएशन की मुख्य मांगों में राज्यपाल और राज्य सरकार से थैलेसीमिया, सिकल सेल और अप्लास्टिक एनीमिया पीड़ितों के लिए नीति बनाने, राज्य में रक्तदान को लेकर जनजागरुकता चलाने पर विशेष अभियान चलाने, थैलेसीमिया, सिकल सेल और अप्लास्टिक एनीमिया पीड़ितों के लिए राज्यभर में बिना डोनर और बिना प्रोसेसिंग चार्ज के सरकारी सहित निजी ब्लड बैंक से ब्लड उपलब्ध् कराने, बीमारी से पीड़ित बच्चों को राज्य सरकार की ओर से गोद लेकर निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट कराने, थैलेसीमिया, सिकल सेल और अप्लास्टिक एनीमिया पीड़ित भी स्थाई दिव्यांगता में आते हैं ऐसे में केंद्र और राज्य सरकार इन पीडितों के लिए स्थाई भारतीय रेलवे पास करने, राज्य में इसे लेकर जनजागरुकता के लिए

शादी से पहले वर-वधू की रक्त विकार बीमारियों की जांच कराने, इन बीमारियों से पीड़ितों के लिए सदर अस्पताल, रांची में एक ही डॉक्टर (हेमोटोलॉजिस्टर) डॉ अभिषेक रंजन हैं और एक ही उपचार केंद्र डे केयर, रांची है। इसके तर्ज पर पूरे राज्य में व्यवस्था करने और मरीजों के लिए 24 घंटे डॉक्टर की व्यवस्था करना शामिल है।

मौके पर एसोसिएशन ने कहा कि राज्य भर में थैलेसीमिया, सिकल सेल और अप्लास्टिक एनीमिया पीड़ितों की लगातार संख्या बढ़ रही है। इसपर सर्वे करने की जरूरत है। साथ ही कहा कि राज्य भर में रक्तदान करनेवालों संगठनों के अनुसार पीड़ितों की संख्या लगभग 11 हजार है। इसपर ध्यान देने की जरूरत है।

कार्यक्रम में पीड़ितों के परिजन सहित झारखंड थैलेसीमिया पीड़ित एसोसिएशन की देवकी देवी, संजय टोप्पो, पूनिया उरांव, प्रगति शुक्ला, रानी कच्छप, सोनम सिंह, सिमा देवी, लखन महतो, बसंत कुमार सहित सैकड़ों पीड़ितों के परिजन और पीड़ित बच्चे लक्की कुमारी, पूजा कुमारी, रौशन कच्छप, अल्पना कुमारी, टिंकू कुमार सहित अन्य, शामिल थे।

इसके अलावा दिव्यंजनों के मोटिवेटर दिव्यंक राजीव राजू, दिव्यांगजनों के विशेष शिक्षक पॉवेल कुमार, दिव्यांजनों की डॉक्टर क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, डॉ अनुराधा वत्स, रंजीत साहू, के हर्षवर्धन, सुखनाथ लोहरा, झारखंड थैलेसीमिया पीड़ित एसोसिएशन के नदीम खान सहित अन्य मौजूद थे।

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