खेतों की पगडंडी से आंगनबाड़ी केंद्र पहुंची डीसी, बच्चों से किया संवाद
पलामू, 20 सितंबर । जन वितरण प्रणाली की दुकान और आंगनबाड़ी केंद्रों में सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने तथा कहां किस चीज की कमी है। आमजनों या बच्चों को क्या समस्या है, इसका आकलन करने के उद्देश्य से जिले की उपायुक्त समीरा एस एवं जिला स्तरीय टीम के जरिये शनिवार को पलामू के लेस्लीगंज प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में संचालित जन वितरण प्रणाली दुकानों तथा कई आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया गया।
टीम में शामिल अपर समाहर्ता, छत्तरपुर एसडीएम, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, डीआरडीए निदेशक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, लेस्लीगंज बीडीओ-सीओ सुबह 11 बजे लेस्लीगंज प्रखंड कार्यालय पहुंचे, यहां सभागर में डीसी ने टीम के सदस्यों संग बैठक कर किस पदाधिकारी को कौन सा जन वितरण प्रणाली दुकान की जांच करनी है यह तय किया। साथ ही सभी को जांच के लिए आंगनबाड़ी केंद्र भी अलॉट किया गया। इसके बाद सभी पदाधिकारी जांच के लिए अपने-अपने गंतव्य की ओर निकल पड़े।
डीसी ने आंगनबाड़ी केंद्रों का किया निरीक्षण
उपायुक्त सांगबार पंचायत में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र अखौरी दीदरी 2 पहुंची। केंद्र तक पहुंचने के लिए उन्हें खेत की आरी से होकर आना पड़ा। केंद्र पहुंचने के पश्चात उन्होंने सर्वप्रथम केंद्र तक सड़क क्यों नहीं है, क्या कारण है से संबंधित विषयों का आकलन किया। वहीं केंद्र में पढ़ रहे बच्चों से उनको दिए जाने वाली खाने की सामग्रियों के संबंध में जानकारी ली। वहीं बच्चों के वजन मापने के यंत्र में बैटरी नहीं पाया गया। बच्चों की उपस्थिति पंजी से मिलान कर पाया गया कि औसतन इस केंद्र पर 7 से 9 बच्चे ही आते हैं लेकिन खाना 20 बच्चों का बनता है। इस विषय पर उन्होंने सेविका से जवाब तलब किया।
यहां बच्चों द्वारा शौचालय का उपयोग नहीं होने का मामला प्रकाश में आया। इसी तरह केंद्र के समीप लगे चापानल के धंस जाने से उसका उपयोग नहीं होने का मामला संज्ञान में आया। बच्चों की ओर से बताया गया कि उन्हें प्रतिदिन अंडा नहीं दिया जाता है। इसके बाद उपायुक्त ने भण्डार टोला में सेविका सविता देवी के घर में संचालित हो रहे केंद्र का निरीक्षण किया। तय समय से पहले ही बच्चों को छुट्टी दिए जाने का मामला प्रकाश में आया। यहां डीसी ने सेविका को तय समय पर ही बच्चों को छुट्टी दिये जाने पर बल दिया।
कुंवरबांध आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण कर बच्चों से वार्ता किया गया। यहां विभिन्न विषयों पर सेविका की ओर से बतायी गयी बातों और बच्चों के बातों में अंतर पाया गया। इस केंद्र पर सेविका द्वारा बच्चों के उपस्थिति पंजी को व्यवस्थित ढंग से संधारित नहीं किया जा रहा था। डीसी के साथ गये सदस्यों की ओर से सभी केंद्रों के विभिन्न बिंदुओं को नोट किया गया।
