Ramgarh News: अंतरजिला बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़, सात गिरफ्तार; चार जिलों से चोरी की 20 बाइक बरामद
Jharkhand Crime News: रामगढ़ पुलिस ने बाइक चोरी करने वाले संगठित गिरोह का खुलासा किया है। गिरफ्तार सात आरोपितों में चोरों के साथ कबाड़ी, मैकेनिक और गैराज संचालक भी शामिल हैं। गिरोह रांची, रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग में सक्रिय था।
रामगढ़: झारखंड में बाइक चोरी की लगातार हो रही घटनाओं के बीच रामगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अंतरजिला बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर रांची, रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से चोरी की 20 बाइक बरामद की गई हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह चोरी की बाइक का हुलिया बदलकर उन्हें ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में बेहद कम कीमत पर बेचता था।
शुक्रवार को रामगढ़ थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने बताया कि गिरोह में बाइक चोरों के अलावा कबाड़ी, मैकेनिक और गैराज संचालक भी शामिल थे। सभी मिलकर चोरी की बाइक की खरीद-बिक्री और पहचान मिटाने का काम करते थे।
CCTV फुटेज से मिले सुराग, वाहन जांच में पकड़े गए दो आरोपी
एसपी ने बताया कि जिले में लगातार हो रही बाइक चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई थी। डीएसपी मुख्यालय अकरम रजा और एसडीपीओ आलोक रंजन के नेतृत्व में टीम गिरोह की गतिविधियों पर नजर रख रही थी।
इसी दौरान 5 नवंबर को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिए बाइक चोरी के दो संदिग्ध दोबारा रामगढ़ शहर पहुंचे हैं। वे किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। सूचना मिलते ही पुलिस ने शहर में वाहन जांच अभियान शुरू किया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों संदिग्धों की पहचान कर उन्हें नीले रंग की बिना नंबर प्लेट वाली बाइक के साथ पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान बोकारो जिले के बीटीपीएस थाना क्षेत्र की कश्मीर कॉलोनी फेज-2 निवासी सोनू राम और गैरमजरुआ गांव निवासी आर्यन कुमार के रूप में हुई है। आर्यन फिलहाल रांची के किशोरगंज स्थित कुमार टोली, चूना भट्ठा के पास रह रहा था।
पुलिस के अनुसार, दोनों बाइक के वैध कागजात नहीं दिखा सके। पूछताछ में उन्होंने 9 अक्टूबर को रामगढ़ शहर में निर्मल एजेंसी के बाहर से बाइक चोरी करने की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
ऐसे काम करता था चार जिलों में फैला बाइक चोर गिरोह
पुलिस जांच में गिरोह के काम करने का तरीका भी सामने आया है। गिरोह के सदस्य पहले अलग-अलग इलाकों से बाइक चोरी करते थे। इसके बाद चोरी की गाड़ियों को नेटवर्क से जुड़े कबाड़ी, मैकेनिक और गैराज संचालकों तक पहुंचाया जाता था।
ये लोग बाइक की मरम्मत, डेंटिंग-पेंटिंग और अन्य बदलाव कर उसका हुलिया बदल देते थे। पहचान छिपाने के लिए इंजन और चेसिस नंबर को भी नुकसान पहुंचाया जाता था। इसके बाद चोरी की बाइक ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में बेहद कम कीमत पर बेच दी जाती थी।
महज 3 से 5 हजार रुपये में बेच देते थे चोरी की बाइक
एसपी के मुताबिक, नई सराय निवासी राकेश कुमार और मंजूर खान कबाड़ी का काम करते हैं। दोनों चोरी की बाइक खरीदकर उनका हुलिया बदलवाते थे और फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बेच देते थे। कई बाइक महज 3 से 5 हजार रुपये में बेची जाती थीं।
वहीं, गैराज संचालक बिनेश्वर बेदिया भी चोरी की बाइक खरीदकर कोलियरी और जंगल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेचता था।
इसके अलावा एजाजुल अंसारी बाइक मैकेनिक और कबाड़ी का काम करता था। बोकारो जिले के पेंक-नारायणपुर थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव निवासी शमीम अंसारी भी चोरी की बाइक की खरीद-बिक्री के नेटवर्क से जुड़ा था।
पुलिस के अनुसार, गिरोह में कुछ अन्य बाइक मैकेनिकों की भूमिका भी संदिग्ध है। उनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।
सात गिरफ्तार, 20 चोरी की बाइक बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार सातों आरोपितों की निशानदेही पर चार जिलों के विभिन्न थाना क्षेत्रों से चोरी की कुल 20 बाइक बरामद की हैं। सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और चोरी की बाइक खरीदने-बेचने वाले लोगों की पहचान करने में जुटी है। इस कार्रवाई से रांची, रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग में सक्रिय बाइक चोरी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
पुलिस टीम को एसपी ने दी सराहना
इस अभियान में रामगढ़ थाना प्रभारी गजेंद्र कुमार पांडेय, गोला थाना प्रभारी अभिषेक कुमार, टेक्निकल सेल के नौशाद आलम, रामगढ़ थाना के सब-इंस्पेक्टर जॉनी कुमार, विकास कुमार, बीरबल हेंब्रम और मनीष कुमार सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही।
