Jharkhand High Court: अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती मौत मामले में 8 सदस्यीय एसआईटी गठित, 19 नवंबर तक देनी होगी रिपोर्ट
हजारीबाग सदर एसडीपीओ करेंगे टीम का नेतृत्व, हाई कोर्ट ने जांच में तेजी लाने का दिया निर्देश
रांची, 3 नवंबर। झारखंड हाई कोर्ट की अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की हजारीबाग में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने आठ सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की है। मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान सरकार ने अदालत को इसकी जानकारी दी। एसआईटी का नेतृत्व हजारीबाग सदर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) करेंगे। टीम को मामले की जांच तेजी से पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अदालत में हुई। अदालत ने राज्य सरकार को 19 नवंबर तक जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता विकास कुमार ने पक्ष रखा। इससे पहले हुई सुनवाई में हाई कोर्ट ने जांच में तेजी लाने और अनुसंधान की जिम्मेदारी डीएसपी रैंक के अधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया था।
फ्लैट में मिला था अधिवक्ता का शव
अनुष्का चक्रवर्ती का शव हजारीबाग के बड़ा बाजार थाना क्षेत्र स्थित गुप्ता कॉम्प्लेक्स के एक फ्लैट से मिला था। उनके पिता सुनील कुमार चक्रवर्ती ने पति कुशाग्र रुद्र और उनके माता-पिता पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने का आरोप लगाया है। अनुष्का और कुशाग्र ने करीब तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था। दोनों इसी फ्लैट में रह रहे थे।
भाई ने हाई कोर्ट में दायर की क्रिमिनल रिट याचिका
अनुष्का की मौत के बाद उनके भाई देवजीत चक्रवर्ती ने हाई कोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दायर कर मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। याचिका में मौत को संदिग्ध बताते हुए पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कराने का आग्रह किया गया है।
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया था कि अनुष्का के शव का महज तीन घंटे के भीतर दो बार पोस्टमार्टम किया गया था। याचिका में यह भी कहा गया कि मृतका का पैर जमीन से सटा हुआ था और शरीर पर चोट के कई निशान पाए गए थे। इन परिस्थितियों को लेकर जांच की निष्पक्षता और मौत के कारणों पर सवाल उठाए गए हैं।
पति ने 29 अक्टूबर को किया था आत्मसमर्पण
मामले में अनुष्का के पति कुशाग्र रुद्र ने 29 अक्टूबर को हाई कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। अब आठ सदस्यीय एसआईटी मामले के सभी पहलुओं की जांच करेगी। हाई कोर्ट ने 19 नवंबर तक जांच की प्रगति रिपोर्ट मांगी है।
