पूर्वी सिहंभूमि

Jharkhand News: किसान-मजदूरों की रैली में SIR रद्द करने की मांग, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की उठी आवाज

पूर्वी सिंहभूम के हाता स्थित बिरसा चौक पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर प्रदर्शन, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की जांच कराने की मांग

पूर्वी सिंहभूम: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड अंतर्गत हाता स्थित ऐतिहासिक बिरसा चौक पर शुक्रवार को किसानों और मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (एआईकेकेएमएस) के नेतृत्व में आयोजित रैली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी भी की।

SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल

रैली के बाद आयोजित नुक्कड़ सभा में किसान और मजदूर नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर गरीबों, किसानों और सीमांत मजदूरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक योग्य नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए और मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।

झारखंड में 55 लाख मतदाताओं के नाम हटाने का दावा

सभा में वक्ताओं ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के तहत झारखंड में करीब 55 लाख वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने इस दावे की जांच कराने और जिन पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा शामिल करने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। किसी भी योग्य नागरिक को इस अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से SIR प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने तथा मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की।

किसान-मजदूर संगठन के कई नेता हुए शामिल

हाता के बिरसा चौक पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिला सचिव कृष्ण चंद्र साहू, अध्यक्ष देवेंद्र महतो, धीरेन भकत, सोनोका महतो, विजन सरदार, अंबिका महतो और सुनील महतो समेत कई किसान एवं मजदूर कार्यकर्ता शामिल हुए।

नोट: झारखंड में 55 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आंकड़ा प्रदर्शन में शामिल नेताओं का दावा है। इसे आधिकारिक आंकड़े के रूप में प्रस्तुत करने से पहले चुनाव आयोग के रिकॉर्ड से सत्यापित करना उचित होगा।

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