धनबाद

IIT ISM के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा को मिलेगा महान शिक्षक पुरस्कार, 22 नवंबर को दिल्ली में होगा सम्मान

Dhanbad News: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-आईएसएम), धनबाद के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा को प्रतिष्ठित पद्म विभूषण डॉ. मुरली मनोहर जोशी महान शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए सर्वसम्मति से चुना गया है। उन्हें यह सम्मान उच्च शिक्षा, अभियांत्रिकी शिक्षा, शोध और ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया जाएगा।

22 नवंबर को नई दिल्ली में होगा सम्मान

फेडरेशन फॉर वर्ल्ड एकेडमिक्स (FWA) की चयन समिति ने प्रो. सुकुमार मिश्रा के नाम का चयन किया है। आगामी 22 नवंबर को नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित समारोह में डॉ. मुरली मनोहर जोशी उन्हें सम्मानित करेंगे।

प्रो. मिश्रा के चयन को आईआईटी (आईएसएम), धनबाद के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। उनके शैक्षणिक, शोध और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कार्यों को इस सम्मान के लिए प्रमुख आधार बनाया गया है।

पावर सिस्टम और स्मार्ट ग्रिड पर प्रमुख शोध

प्रो. सुकुमार मिश्रा विद्युत अभियांत्रिकी के क्षेत्र में अपने शोध कार्यों के लिए जाने जाते हैं। उनके प्रमुख शोध क्षेत्रों में पावर सिस्टम, पावर क्वालिटी, नवीकरणीय ऊर्जा और स्मार्ट ग्रिड शामिल हैं।

उनके शोध का प्रमुख उद्देश्य बिजली व्यवस्था को अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बनाने, ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान करने तथा स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों को बढ़ावा देने से जुड़ा रहा है।

मई 2024 में संभाला था IIT ISM के निदेशक का पद

प्रो. सुकुमार मिश्रा ने 15 मई 2024 को आईआईटी (आईएसएम), धनबाद के निदेशक का कार्यभार संभाला था। इससे पहले वह आईआईटी दिल्ली के अबू धाबी परिसर में डीन (रिसर्च एंड एक्सटर्नल एंगेजमेंट) और एसोसिएट डीन (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) समेत कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से हो चुके हैं सम्मानित

शिक्षण, शोध और नवाचार के क्षेत्र में प्रो. मिश्रा को पहले भी कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी का यंग साइंटिस्ट मेडल
  • इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग का यंग इंजीनियर अवार्ड
  • समंत चंद्रशेखर पुरस्कार
  • बिमल बोस पुरस्कार
  • NASI-रिलायंस प्लेटिनम जुबली अवार्ड
  • INAE आउटस्टैंडिंग टीचर्स अवार्ड

इसके अलावा वह कई प्रतिष्ठित पेशेवर संस्थाओं के फेलो भी हैं।

2025 में शुरू हुआ था महान शिक्षक पुरस्कार

फेडरेशन फॉर वर्ल्ड एकेडमिक्स ने इस पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2025 में की थी। इसका उद्देश्य भारत के बौद्धिक, वैज्ञानिक और सार्वजनिक जीवन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों के दीर्घकालीन कार्यों को सम्मानित करना है।

प्रो. सुकुमार मिश्रा को वर्ष 2026 के पुरस्कार के लिए चुना जाना तकनीकी शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और ऊर्जा क्षेत्र में उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान के रूप में देखा जा रहा है।

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