हजारीबाग में बड़ा बाजार दुर्गा पूजा महासमिति की भव्य डोली यात्रा, ढाक की थाप और जय माता दी के जयकारों से गूंजा शहर
Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग में महासप्तमी के अवसर पर बड़ा बाजार दुर्गा पूजा महासमिति की ओर से शनिवार सुबह माता रानी की भव्य डोली यात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों, बंगाल के पारंपरिक ढाक और ‘जय माता दी’ के जयकारों के बीच निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरा बड़ा बाजार क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया।
डोली यात्रा में शामिल होने के लिए सुबह करीब पांच बजे से ही पूजा पंडाल में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। लगभग छह बजे डोली यात्रा बड़ा बाजार पूजा पंडाल से बुढ़वा महादेव तालाब के लिए रवाना हुई। नवरात्र की महासप्तमी पर बंगाल की परंपरा के अनुसार आयोजित नवपत्रिका पूजन इस धार्मिक कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा।
बड़ा बाजार चौक से बुढ़वा महादेव तालाब तक निकली यात्रा
माता रानी की डोली बड़ा बाजार पूजा पंडाल से निकलकर बड़ा बाजार चौक और बंशीलाल चौक होते हुए बुढ़वा महादेव तालाब पहुंची। यहां विधि-विधान के साथ नवपत्रिका पूजन संपन्न कराया गया। पूजा के बाद डोली वापस पंडाल पहुंची, जहां मां दुर्गा की महासप्तमी पूजा शुरू हुई।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर माता रानी का स्वागत किया। पारंपरिक लाल-पीली साड़ियों में सजी महिलाएं और कुर्ता-पायजामा पहने पुरुष धार्मिक उत्साह के साथ शामिल हुए। महासमिति के सदस्यों ने कलश लेकर यात्रा में भाग लिया। युवक-युवतियों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी में विशेष उत्साह देखने को मिला।
बंगाल के कलाकारों की ढाक प्रस्तुति ने मोहा मन
डोली यात्रा में सबसे आगे बंगाल से आए कलाकारों ने पारंपरिक ढाक बजाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। ढाक की गूंज और माता रानी के जयकारों ने श्रद्धालुओं में उत्साह भर दिया।
महासप्तमी के धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराने के लिए पश्चिम बंगाल के आसनसोल से पुजारी सुभाषित मुखर्जी और देवाशीष मुखर्जी पहुंचे हैं। हजारीबाग के स्थानीय पुजारी प्रमोद पांडे के साथ तीनों पुजारियों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई जा रही है।
महाआरती में शामिल हुए श्रद्धालु
महासप्तमी के अवसर पर शाम को पूजा पंडाल में महाआरती का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लेकर मां दुर्गा से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। पूजा के दौरान पूरे पंडाल में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।
महासमिति के सचिव दीपनारायण निषाद ने कहा कि माता रानी की डोली यात्रा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि श्रद्धा, एकता और सामूहिक आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि महासप्तमी पर इस आयोजन के माध्यम से श्रद्धालु एकजुट होकर मां दुर्गा की आराधना करते हैं और सभी के कल्याण की कामना करते हैं।
महासमिति के कई सदस्य रहे मौजूद
डोली यात्रा और पूजा आयोजन के दौरान दीपनारायण निषाद, दिलीप जायसवाल, बाल गोविंद निषाद, ओमप्रकाश गुप्ता, रविंद्र गुप्ता, महेंद्र गुप्ता, पवन खंडेलवाल, लखन निषाद, प्रदीप जैन, लक्ष्मण निषाद, रितेश खंडेलवाल, आशुतोष चौधरी, अभय निषाद, तरुण गुप्ता, प्रवीण सिंह, अजय गुप्ता, संजय यादव और सतीश गुप्ता सहित कई लोग उपस्थित रहे। आयोजन में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
हजारीबाग दुर्गा पूजा: बड़ा बाजार दुर्गा पूजा महासमिति की डोली यात्रा ने महासप्तमी पर शहर में धार्मिक उत्साह और सामूहिक आस्था का माहौल बना दिया। नवपत्रिका पूजन, पारंपरिक ढाक और महाआरती के साथ श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की आराधना की।
