त्योहारी सीजन में वाहनों की आवाजाही नहीं होगी बाधित, वित्त मंत्री ने दिए निर्देश; चैंबर ने उठाया रिक्त पदों का मुद्दा
झारखंड चैंबर ने वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर से की मुलाकात, वाणिज्यकर सर्किलों में संयुक्त आयुक्तों की नियुक्ति की मांग
रांची: त्योहारी सीजन में बाजार क्षेत्रों में मालवाहक वाहनों की आवाजाही और वाणिज्यकर विभाग के सर्किल कार्यालयों में अधिकारियों के रिक्त पदों की समस्या को लेकर फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने वित्त एवं वाणिज्यकर मंत्री राधाकृष्ण किशोर से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने परमिट और ई-वे बिल की जांच के नाम पर बाजार क्षेत्रों में वाहनों को रोकने तथा तकनीकी कमियों के आधार पर जब्ती जैसी कार्रवाई से व्यापार प्रभावित होने की आशंका जताई।
चैंबर ने मंत्री से आग्रह किया कि त्योहारी अवधि को देखते हुए बाजार क्षेत्रों में मालवाहक वाहनों को अनावश्यक रूप से रोकने और दंडात्मक कार्रवाई से संबंधित स्पष्ट विभागीय निर्देश जारी किए जाएं। चैंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल ने कहा कि इस समय माल की निर्बाध आपूर्ति बेहद जरूरी है। वाहनों की आवाजाही बाधित होने से व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
चैंबर के आग्रह पर मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वाणिज्यकर विभाग के सचिव को निर्देश दिया कि शहर के अंदर वाहनों की आवाजाही बाधित नहीं होनी चाहिए, ताकि व्यापारिक गतिविधियां सुचारु रूप से चल सकें। हालांकि, मंत्री ने व्यवसायियों से सही इनवॉइस जारी करने और कर संबंधी नियमों का पालन करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें कुछ व्यवसायी उचित इनवॉइस जारी नहीं कर रहे हैं।
वाणिज्यकर सर्किलों में रिक्त पदों से कारोबारियों को परेशानी
बैठक में वाणिज्यकर विभाग के विभिन्न सर्किल कार्यालयों में संयुक्त आयुक्त के पद खाली रहने का मुद्दा भी उठाया गया। चैंबर प्रतिनिधियों ने बताया कि नियमित अधिकारियों की अनुपलब्धता के कारण कई वैधानिक और प्रशासनिक कार्य लंबित हो रहे हैं, जिससे कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व अध्यक्ष रंजीत गाड़ोदिया, सदस्य आदित्य शाह और ज्योति पोद्दार ने कहा कि झारखंड वैट के दायरे में आने वाले पेट्रोलियम उत्पादों, शराब और अन्य गैर-जीएसटी वस्तुओं का कारोबार करने वाले व्यवसायियों को विशेष कठिनाइयां हो रही हैं। नए जेवैट और सीएसटी पंजीकरण, पंजीकरण में संशोधन, वस्तुओं को जोड़ने या हटाने, व्यावसायिक पते और नए गोदाम की जानकारी अपडेट करने तथा आवश्यक वैधानिक फॉर्म प्राप्त करने में देरी हो रही है।
रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति की मांग
चैंबर महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि पंजीकरण, संशोधन और आवश्यक फॉर्म जारी करने जैसी प्रक्रियाओं में देरी का असर कारोबार के साथ-साथ राज्य के राजस्व पर भी पड़ सकता है। प्रतिनिधिमंडल ने रिक्त सर्किल कार्यालयों में जल्द से जल्द संयुक्त आयुक्तों की नियुक्ति करने की मांग की।
चैंबर ने यह सुझाव भी दिया कि नियमित नियुक्ति होने तक संबंधित सर्किल में कार्यरत वरिष्ठतम अधिकारी को अस्थायी रूप से आवश्यक प्रशासनिक शक्तियां प्रदान की जाएं, ताकि लंबित मामलों का निपटारा हो सके। मंत्री ने इस मामले में जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
मंत्री ने यह भी कहा कि आगामी छठ पूजा के बाद वाणिज्यकर विभाग के सचिव, विभागीय अधिकारियों और झारखंड चैंबर के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें विभाग से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में चैंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल, उपाध्यक्ष विकास विजयवर्गीय, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव अमित शर्मा, सह सचिव पूजा ढाढा, कोषाध्यक्ष नवजोत अलंग, पूर्व अध्यक्ष रंजीत गाड़ोदिया तथा सदस्य आदित्य शाह, ज्योति पोद्दार और कुमुद झा शामिल थे।
