UPI पर शुल्क के प्रस्ताव के विरोध में हजारीबाग के व्यवसायियों का धरना, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
हजारीबाग, 5 अक्टूबर। यूपीआई के जरिए होने वाले डिजिटल लेनदेन पर शुल्क लगाने के प्रस्ताव के विरोध में हजारीबाग चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों और व्यवसायियों ने सोमवार को धरना दिया। मालवीय मार्ग स्थित विनोद स्टोर के सामने आयोजित धरने में बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए और यूपीआई भुगतान को शुल्क मुक्त रखने की मांग की।
चेंबर अध्यक्ष शंभूनाथ अग्रवाल ने कहा कि यूपीआई ने देश की भुगतान व्यवस्था को काफी आसान बनाया है। छोटे-बड़े कारोबार में डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल लगातार बढ़ा है। ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाए जाने से व्यापारियों के साथ-साथ ग्राहकों पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
उन्होंने सरकार से डिजिटल भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा देने और छोटे कारोबारियों की लागत नहीं बढ़ाने की अपील की।
शुल्क लगाने से बढ़ेगा कारोबारियों का खर्च
चेंबर सचिव राकेश ठाकुर ने कहा कि यूपीआई ने भुगतान प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाया है। यदि इसके इस्तेमाल पर शुल्क लगाया जाता है तो इसका सीधा असर व्यापारियों के खर्च पर पड़ेगा। चेंबर ने मांग की कि यूपीआई व्यवस्था पहले की तरह सरल और शुल्क मुक्त रखी जाए।
व्यवसायियों ने कहा कि डिजिटल भुगतान आज रोजमर्रा के कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। ऐसे में शुल्क लगाए जाने से छोटे कारोबारियों की परेशानी बढ़ सकती है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
धरने के दौरान व्यवसायियों ने चेतावनी दी कि यदि यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाया गया तो चेंबर की ओर से आंदोलन को और तेज किया जाएगा। व्यापारियों ने यह भी कहा कि शुल्क लागू होने की स्थिति में हजारीबाग के व्यवसायी यूपीआई के माध्यम से भुगतान लेना-देना बंद करने पर विचार कर सकते हैं।
चेंबर ने केंद्र सरकार से प्रस्ताव पर पुनर्विचार करते हुए यूपीआई को शुल्क मुक्त बनाए रखने की मांग की है।
