खूंटी

लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित, खरीफ फसलों के लिए वरदान मान रहे किसान

खूंटी , 23 सितंबर । खूंटी जिले में मंगलवार रात से हो रही लगातार बारिश से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में सड़कों पर जलजमाव और आवागमन में परेशानी की स्थिति बनी है। हालांकि, लगातार बारिश को लेकर किसानों का कहना है कि मौजूदा बारिश सब्जी की खेती के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है, लेकिन धान और मड़ुआ जैसी खरीफ फसलों के लिए यह बारिश काफी फायदेमंद है। खेतों में नमी बढ़ने से फसलों को आवश्यक पानी मिल रहा है और सूख रहे खेतों को नई जान मिली है।

तोरपा प्रखंड के अम्मा पकना निवासी प्रगतिशील किसान और इजराइल से कृषि का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके रामानंद साहू ने कहा कि लगातार बारिश का सबसे अधिक लाभ धान की फसल को मिलेगा। जिन खेतों में पर्याप्त नमी नहीं थी, वहां बारिश से फसल को राहत मिली है। उन्होंने कहा कि इस समय धान में पानी की आवश्यकता होती है, इसलिए बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। हालांकि, खेतों में जरूरत से अधिक पानी जमा होने पर निकासी की व्यवस्था करना भी जरूरी है। सब्जियों के खेतों में लगातार पानी रहने से पौधों की जड़ें प्रभावित हो सकती हैं और फसल खराब होने की आशंका रहती है।

कृषक रामहरि साहू ने कहा कि बारिश का समय और मात्रा खेती के लिए काफी महत्वपूर्ण है। अभी हुई बारिश से धान और मड़ुआ की फसल को फायदा होगा। जिन किसानों के खेतों में पानी की कमी के कारण फसल प्रभावित हो रही थी, उन्हें इस बारिश से काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के कारण सब्जी उत्पादक किसानों को चिंता हो सकती है, लेकिन खरीफ फसल के लिहाज से बारिश को सकारात्मक रूप में देखा जा रहा है।

कृषक तुलसी ठाकुर ने कहा कि बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आई है। धान के पौधों में हरियाली बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि खूंटी के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसान खेती पर निर्भर हैं। ऐसे में समय पर होने वाली बारिश किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है। हालांकि, लगातार बारिश के कारण सब्जियों की फसल और तैयार उपज को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए।

वहीं, आत्मा खूंटी के परियोजना निदेशक अमरेश कुमार ने किसानों को सलाह दी कि लगातार बारिश के दौरान खेतों में जलजमाव नहीं होने दें। सब्जी की खेती करने वाले किसान विशेष रूप से जल निकासी की व्यवस्था रखें।

उन्होंने कहा कि धान और मड़ुआ जैसी खरीफ फसलों के लिए बारिश लाभकारी है, लेकिन अत्यधिक पानी फसल के लिए नुकसानदेह भी हो सकता है। किसानों को मौसम की स्थिति को देखते हुए खेतों की निगरानी करते रहना चाहिए और कृषि संबंधी किसी समस्या की स्थिति में कृषि विभाग के तकनीकी कर्मियों से सलाह लेनी चाहिए।

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