झारखंड

करमा पूर्व संध्या पर गूंजे पारंपरिक गीत-संगीत

पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचीं दर्जनों नृत्य मंडलियां, प्रकृति और संस्कृति संरक्षण का दिया संदेश

खूंटी, 20 सितंबर । कर्रा प्रखंड मुख्यालय स्थित हाईस्कूल मैदान में रविवार को सरना जागृति एवं विकास मंच के तत्वावधान में प्रखंड स्तरीय करमा पर्व पूर्व संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रखंड के दर्जनों गांवों से आदिवासी नृत्य मंडलियां पारंपरिक वेशभूषा और वाद्ययंत्रों के साथ शामिल हुईं। पूरे परिसर में पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य की छटा देखने को मिली।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि खूंटी विधायक रामसूर्य मुंडा और विशिष्ट अतिथि पूर्व विधि मंत्री देव कुमार धान उपस्थित रहे। विधायक रामसूर्य मुंडा ने कहा कि समाज को अपनी भाषा, संस्कृति, रीति-रिवाज और परंपराओं को नहीं छोड़ना चाहिए। पूर्वजों से चली आ रही प्रकृति पूजा की परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।

पूर्व विधि मंत्री देव कुमार धान ने कहा कि करमा पर्व कृषि और प्रकृति से जुड़ा पर्व है। उन्होंने करमा पर्व की परंपराओं और मान्यताओं पर प्रकाश डाला और पारंपरिक गीत के माध्यम से भी लोगों को इसके महत्व की जानकारी दी।

कार्यक्रम की शुरुआत हंसबेड़ा के सोमरा द्वारा करम डाली की पूजा से हुई। इस दौरान गांव-घर और पूर्वजों का स्मरण किया गया। छुनकू मुंडा ने करमा की कहानी सुनाते हुए अच्छे और बुरे कर्मों के परिणाम के बारे में बताया। इसके बाद विभिन्न खोड़हा मंडलियों ने बारी-बारी से पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष सनिका मुंडा, उपाध्यक्ष अनूप कुजूर, कोषाध्यक्ष जयमंगला मुंडा, सचिव जीता मिंज, रंजन संगा, बुंदों मुड़ाईन, गुडूवा हेरेंज सहित स्थानीय युवक-युवतियों और ग्रामीणों की भूमिका रही।

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