बृजेश गंझू के खिलाफ चतरा में 50 से अधिक मामले दर्ज
हत्या, अपहरण, रंगदारी, पुलिस पर हमला समेत कई गंभीर मामलों में था आरोपी; 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था
रांची, 20 सितंबर । उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मुठभेड़ में मारा गया टीएसपीसी सुप्रीमो बृजेश गंझू उर्फ दुलारचंद गंझू उर्फ सरदार उर्फ रंजन उर्फ फुलचंद गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता के खिलाफ झारखंड के चतरा जिले में 50 से अधिक मामले दर्ज थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 1996 से 2025 तक जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, रंगदारी, जबरन वसूली, पुलिस पर हमला, आगजनी, हथियार और प्रतिबंधित संगठन से जुड़े मामले दर्ज किये गये।
कई मामलों में यूएपीए, सीएलए एक्ट और आर्म्स एक्ट की धाराएं भी लगायी गयी थीं। सिमरिया, वशिष्टनगर, हंटरगंज और टंडवा थाना क्षेत्रों में उसके खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या अधिक रही। सिमरिया थाना कांड संख्या 71/96 और 92/96 में हत्या, अपहरण, पुलिस के साथ मारपीट और आर्म्स एक्ट से संबंधित धाराएं दर्ज थीं। इसके अलावा सिमरिया के अन्य मामलों में हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा और प्रतिबंधित संगठन से जुड़े आरोप थे।
टंडवा थाना क्षेत्र में वर्ष 2014 से 2025 के बीच बृजेश गंझू के खिलाफ कई मामले दर्ज हुए। इनमें रंगदारी, लेवी वसूली, हत्या के प्रयास, हथियार अधिनियम और सीएलए एक्ट के मामले शामिल हैं। वर्ष 2021 में भी उसके खिलाफ कई केस दर्ज हुए। वर्ष 2025 के टंडवा थाना कांड संख्या 19/25 में बीएनएस की धाराओं के साथ सीएलए एक्ट लगाया गया था।
लावालौंग, मयूरहंड, पत्थलगड्डा, गिद्धौर और पिपरवार थाना क्षेत्रों में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज थे। पिपरवार थाना कांड संख्या 45/17 में हत्या समेत गंभीर धाराएं लगायी गयी थीं। वहीं सदर थाना क्षेत्र में दर्ज मामलों में रंगदारी और यूएपीए से संबंधित धाराएं शामिल थीं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, बृजेश गंझू पर झारखंड सरकार ने 25 लाख रुपये और एनआईए ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इस तरह उस पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम था।
वाराणसी में मुठभेड़ में बृजेश गंझू के मारे जाने की जानकारी झारखंड पुलिस को यूपी एसटीएफ की ओर से दी गयी। आईजी एसटीएफ प्रेम गौतम ने झारखंड पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी और उसके मारे जाने की पुष्टि की।
