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एक ही परिवार के तीन भाई-बहन आमने-सामने, मुकाबला बना यादगार

  • प्रवीण की लिटिल टाइगर ने अश्विन की KVS सिमडेगा को 6-1 से हराया

सिमडेगा, संवाददाता। 21वीं मेजर ध्यानचंद सीनियर सिमडेगा जिला महिला-पुरुष हॉकी चैंपियनशिप 2026 में पुरुष वर्ग का एक क्वार्टर फाइनल मुकाबला पारिवारिक हॉकी विरासत के कारण खास बन गया। लिटिल टाइगर और केंद्रीय विद्यालय सिमडेगा (KVS) के बीच खेले गए मुकाबले में एक ही परिवार के दो भाई आमने-सामने थे, जबकि उनकी बड़ी बहन विपक्षी टीम की प्रशिक्षक की भूमिका में थीं।

लिटिल टाइगर की ओर से बड़े भाई प्रवीण परवार मैदान पर उतरे, जबकि KVS सिमडेगा की ओर से उनके छोटे भाई अश्विन परवार ने खेला। दोनों खिलाड़ी अपनी-अपनी टीम में डिफेंडर की भूमिका निभा रहे थे। मुकाबले में प्रवीण परवार की टीम लिटिल टाइगर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए KVS सिमडेगा को 6-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।

इस मुकाबले को और खास बनाया प्रवीण और अश्विन की बड़ी बहन करिश्मा परवार ने, जो KVS सिमडेगा की प्रशिक्षक हैं। करिश्मा पूर्व राष्ट्रीय स्तर की हॉकी खिलाड़ी रह चुकी हैं और उन्होंने भी अपने खेल जीवन में डिफेंडर की भूमिका निभाई है। वर्तमान में वे हॉकी सिमडेगा की उपाध्यक्ष भी हैं।

इस परिवार की हॉकी कहानी यहीं समाप्त नहीं होती। सबसे बड़ी बहन कविता कुमारी भी हॉकी खिलाड़ी रही हैं। उन्होंने राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में सिमडेगा जिला टीम का प्रतिनिधित्व किया है और डिफेंडर के रूप में खेल चुकी हैं। इस तरह परिवार की चारों संतानों में हॉकी के प्रति गहरा लगाव रहा है।

परिवार की हॉकी विरासत के पीछे उनके पिता का भी महत्वपूर्ण योगदान है। वे स्वयं अच्छे हॉकी खिलाड़ी रहे हैं। बच्चों के आग्रह पर उन्होंने गांव में अपनी करीब चार एकड़ निजी जमीन हॉकी मैदान के लिए उपलब्ध कराई, ताकि गांव के बच्चों और युवाओं को खेलने और आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

मैदान पर बड़े और छोटे भाई के बीच मुकाबला, बड़ी बहन का विपक्षी टीम की प्रशिक्षक होना और परिवार की दूसरी बेटी का भी हॉकी से जुड़ा रहना इस मैच को परिणाम से कहीं आगे ले गया। यह मुकाबला परिवार की वर्षों पुरानी हॉकी साधना, त्याग और समर्पण की यादगार मिसाल बन गया।

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