भारत में पहली बार पारा वुडबॉल प्रतियोगिता, दिव्यांग खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम
ऋषिका, प्रतिमा तिर्की और सुनील कुमार साहू ने जीते स्वर्ण पदक
रांची, 29 अगस्त 2026। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर रांची में भारत की पहली पारा वुडबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। गांधीनगर फुटबॉल ग्राउंड, कांके रोड स्थित सीसीएल परिसर में आयोजित इस प्रतियोगिता में दिव्यांग खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता का आयोजन डिसेबल्ड स्पोर्ट्स एवं जन उत्थान समिति और पारा वुडबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। प्रतियोगिता में अस्थि दिव्यांगता, श्रवण दिव्यांगता और बौद्धिक दिव्यांगता वर्ग में 115 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीसीएल के सीसी एंड पीआर आलोक कुमार ने कहा कि दिव्यांगजनों की अक्षमता के बजाय उनकी योग्यता और प्रतिभा को देखने की जरूरत है। उचित अवसर मिलने पर दिव्यांग खिलाड़ी भी अपनी क्षमता साबित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि समावेशी समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक वर्ग को समान अवसर मिलना जरूरी है।
प्रतियोगिता का उद्घाटन सीसीएल के प्रबंधक खेल आदिल हुसैन और प्रबंधक मानव संसाधन वेलफ्रेड मानिक लकड़ा ने संयुक्त रूप से किया।
ऋषिका और प्रतिमा ने जीता स्वर्ण
बौद्धिक दिव्यांगता वर्ग में ऋषिका कुमारी ने स्वर्ण, आदित्य महतो ने रजत और पीयूष महतो ने कांस्य पदक हासिल किया। अस्थि दिव्यांगता वर्ग में प्रतिमा तिर्की ने स्वर्ण पदक जीता। रेणु कुमारी दूसरे और अनीता तिर्की तीसरे स्थान पर रहीं।
पुरुष वर्ग में प्रमोद कुमार ने स्वर्ण, बिपिन प्रजापति ने रजत और मनोज महतो ने कांस्य पदक जीता। वहीं श्रवण दिव्यांगता वर्ग में सुनील कुमार साहू, राकेश कुमार और रणजीत कुमार ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल किया।
आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को खेलों में समान अवसर उपलब्ध कराना और उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान करना है।
कार्यक्रम में डॉ. श्वेता तिवारी, डॉ. प्रवीण कुमार, अनुपमा रानी गौतम, संतोष कुमार, कुमार गौरव, सरिता झा, समाजसेवी जगदीश सिंह जग्गू, डॉ. मेघा रानी, शोभा अग्रवाल, पतरस तिर्की, प्राची कुमारी, डॉ. मेधा, दीपा चौधरी और गुंजन गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता के आयोजन में सीसीएल, लोक मंगलम सोसाइटी, ज्योति जल और झारक्राफ्ट ने सहयोग किया। पारा वुडबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के सचिव मुकेश कंचन, झारखंड पैरालंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता, डिसेबल्ड स्पोर्ट्स एवं जन उत्थान समिति की सचिव सरिता सिन्हा समेत विपुल सेन गुप्ता, पवन लकड़ा और अन्य सहयोगियों की आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका रही।
