झारखंड

डाक विभाग की पहल: बच्चों की बनाई राखियां सरहद के जवानों और प्रधानमंत्री तक पहुंचेंगी

पूर्वी सिंहभूम, 22 अगस्त। रक्षाबंधन के अवसर पर भारतीय डाक विभाग के सिंहभूम डाक प्रमंडल ने बच्चों को देश के जवानों और राष्ट्रीय नेतृत्व से जोड़ने के उद्देश्य से विशेष पहल शुरू की है। ‘राखी बनाओ और भेजो’ अभियान के तहत जमशेदपुर के विभिन्न स्कूलों में राखी मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

स्कूलों में बच्चों ने बनाई इको-फ्रेंडली राखियां

टेल्को और कदमा क्षेत्र के वैली व्यू स्कूल, गुलमोहर हाई स्कूल, डीबीएमएस करियर एकेडमी और डीबीएमएस कदमा हाई स्कूल में राखी मेकिंग कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए इको-फ्रेंडली और ‘बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’ सामग्री से आकर्षक राखियां तैयार कीं।

बच्चों की बनाई राखियां और उनके संदेश सीमा पर तैनात जवानों, पुलिसकर्मियों और प्रधानमंत्री को भेजे गए। डाक विभाग ने स्कूल परिसर में ही विशेष लिफाफे और स्पीड पोस्ट की सुविधा उपलब्ध कराई, जिससे विद्यार्थियों को अपनी राखियां सीधे भेजने का अवसर मिला।

वैली व्यू स्कूल में हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

वैली व्यू स्कूल, टेल्को में कार्यक्रम का उद्घाटन डाक विभाग के अधिकारी उज्जवल दास गुप्ता और निशांत कुमार तथा स्कूल की प्राचार्या मिक्की सिंह एवं उप-प्राचार्य जे. रमेश ने दीप प्रज्वलित कर किया।

इस दौरान विद्यार्थियों ने पारंपरिक और पर्यावरण अनुकूल सामग्री का इस्तेमाल कर राखियां बनाईं। कार्यक्रम के समापन पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए विद्यार्थियों ने डाक विभाग के अधिकारियों को पौधे भी भेंट किए।

गुलमोहर हाई स्कूल में 100 से अधिक बच्चों ने लिया हिस्सा

गुलमोहर हाई स्कूल में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने राखी बनाने की प्रतियोगिता में भाग लिया। बच्चों ने अपने भाइयों के साथ-साथ देश के प्रधानमंत्री और सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए भी राखियां तैयार कीं।

स्कूल परिसर में ही स्पीड पोस्ट की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों ने अपनी राखियों के साथ देश के जवानों और प्रधानमंत्री के नाम संदेश भी भेजे।

डीबीएमएस स्कूलों में भी दिखा उत्साह

डीबीएमएस करियर एकेडमी, कदमा में परीक्षा की व्यस्तता के बावजूद करीब 50 विद्यार्थियों ने अभियान में हिस्सा लिया। स्कूल की प्राचार्या सोमा बनर्जी ने डाक विभाग की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे डिजिटल दौर के बच्चों को पत्र लेखन और पारंपरिक डाक व्यवस्था से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।

वहीं, डीबीएमएस कदमा हाई स्कूल में भी करीब 50 छात्र-छात्राओं ने राखियां बनाईं। प्राचार्या गुरप्रीत भामरा और आर्ट टीचर निशा राज ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों में पारिवारिक मूल्यों के साथ-साथ देश के जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना विकसित करने में मदद करते हैं।

बच्चों में देशभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

डाक विभाग के इस अभियान ने रक्षाबंधन को बच्चों की रचनात्मकता, देशभक्ति और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का काम किया। बच्चों द्वारा तैयार की गई राखियों को जवानों तक भेजने से उनमें देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे सैनिकों के प्रति सम्मान की भावना भी मजबूत हुई।


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