आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास को लेकर उपायुक्त ने दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
-सरकारी योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
पश्चिमी सिंहभूम, 19 अगस्त । पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय के सभागार में बुधवार को उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों के पुनर्वास को लेकर जिला स्तरीय बैठक हुई। बैठक में आत्मसमर्पित नक्सलियों को सरकार की समर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाले लाभ और सुविधाओं की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि नीति के तहत पात्र लाभुकों को सभी निर्धारित सुविधाएं पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएं। बैठक में आत्मसमर्पित नक्सलियों से जुड़े लंबित मामलों, सत्यापन प्रक्रिया और पुनर्वास के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों को सरकारी पुनर्वास नीति का वास्तविक लाभ मिलना जरूरी है। पुनर्वास का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि आत्मसमर्पित लोगों को सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में आगे बढ़ाना है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पात्र लाभुकों के दस्तावेज और मामलों का नियमानुसार सत्यापन शीघ्र पूरा करने तथा पुनर्वास प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं करने का निर्देश दिया। उन्होंने विभागीय योजनाओं और पुनर्वास नीति के प्रावधानों में समन्वय स्थापित कर लाभुकों को अधिक से अधिक सुविधाओं से जोड़ने पर जोर दिया।
आईटीडीए को पात्र लाभुकों को विभागीय योजनाओं से जोड़ने और आजीविका के अवसर विकसित करने का निर्देश दिया गया। जिला समाज कल्याण विभाग को आत्मसमर्पित व्यक्तियों और उनके परिवारों को पात्रता के अनुसार सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने को कहा गया। वहीं, जिला पंचायती राज पदाधिकारी को पंचायत स्तर पर आवश्यक दस्तावेजों और स्थानीय जानकारी के सत्यापन में सहयोग करने तथा लाभुकों को विकास एवं आजीविका योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया गया।
बैठक में परियोजना निदेशक आईटीडीए जयदीप तिग्गा, उपसमाहर्ता सामान्य शाखा देवेंद्र कुमार, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय पूजा कुमारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी सविता टोपनो, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्वेता भारती, अग्रणी बैंक प्रबंधक बैंक ऑफ इंडिया विष्णु, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र और निदेशक आरसेटी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाले लाभ समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
