JPSC-JSSC धांधली मामला: मांगें नहीं मानीं तो झारखंड पहुंचेगा ऑल इंडिया Gen-Z ग्रुप — छात्र नेता महेंद्र प्रसाद मंडल
रांची: झारखंड में 14वीं JPSC और JSSC-CGL समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ राजधानी के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का आंदोलन 13वें दिन भी जारी रहा। आमरण अनशन पर बैठे हजारीबाग (बरकट्ठा) के छात्र नेता महेंद्र प्रसाद मंडल ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द अभ्यर्थियों की मांगें नहीं मानीं, तो देशभर का Gen-Z (जेन-जी) ग्रुप झारखंड पहुंचकर आंदोलन में शामिल होगा।
सत्याग्रह स्थल पर हिंदुस्थान समाचार से हुई विशेष बातचीत के प्रमुख अंश:
प्रमुख बिंदु एवं मुख्य मांगें
- CM हेमंत सोरेन सीधे वार्ता करें: अनशनकारियों की पहली और प्रमुख शर्त है कि मुख्यमंत्री स्वयं या अपने प्रतिनिधिमंडल के जरिए अनशन स्थल पर आकर अभ्यर्थियों से सीधे बात करें।
- 14वीं JPSC परीक्षा रद्द हो: पूरी परीक्षा प्रक्रिया को रद्द कर नए सिरे से पारदर्शी तरीके से कैलेंडर जारी किया जाए।
- JPSC व JSSC में हो व्यापक सुधार (Reform): संस्थाओं का पुनर्गठन किया जाए और धांधली में शामिल किसी भी विवादित अधिकारी या कर्मचारी को दफ्तर में न रखा जाए।
- CBI / उच्चस्तरीय जांच: अभय तिवारी समेत मामले में आरोपी अन्य अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष उच्चस्तरीय या CBI जांच कराई जाए।
इंटरव्यू के मुख्य अंश
“हम घर से यही सोचकर निकले हैं कि या तो मर जाएंगे या छात्रों को उनका हक दिलाकर रहेंगे। 2014 से तैयारी कर रहे हैं, 9 बार CGL दे चुके हैं। मांगें नहीं मानी गईं, तो अनशन स्थल से नहीं हटेंगे—इलाज भी यहीं होगा, अस्पताल नहीं जाएंगे।” — महेंद्र प्रसाद मंडल, छात्र नेता
1. Gen-Z ग्रुप के समर्थन की चेतावनी
महेंद्र मंडल ने स्पष्ट किया कि यदि अनशन के दौरान किसी भी अभ्यर्थी के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो ऑल इंडिया Gen-Z ग्रुप के युवा झारखंड का रुख करेंगे। इसके बाद बनने वाली परिस्थितियों की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
2. केवल आश्वासन मंजूर नहीं
CID द्वारा 14 अधिकारियों की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि केवल गिरफ्तारियां काफी नहीं हैं। सरकार को अगले दो महीनों के भीतर आयोगों में व्यापक संरचनात्मक सुधार (Reforms) का ठोस रोडमैप पेश करना होगा।
3. सबूतों पर निष्पक्ष जांच की मांग
कोर कमेटी के पास उपलब्ध साक्ष्यों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि छात्र संगठन जांच एजेंसियों को हर संभव तथ्य उपलब्ध कराने को तैयार हैं, बशर्ते जांच पूरी निष्पक्षता से आगे बढ़ाई जाए।
आगे क्या?
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनशन पर डटे अभ्यर्थियों का रुख बेहद सख्त है। उनका कहना है कि सरकार को मामले की गंभीरता को समझते हुए बिना किसी देरी के पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और उच्चस्तरीय जांच का आधिकारिक ऐलान करना चाहिए।
