घुरती रथ यात्रा संपन्न: मौसीबाड़ी से अपने धाम पहुंचे महाप्रभु जगन्नाथ, “जय जगन्नाथ” के जयकारों से गूंजी रांची

रांची: राजधानी रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में शनिवार को घुरती रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हो गई। मौसीबाड़ी से नौ दिनों के विश्राम के बाद महाप्रभु जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा का भव्य रथ वापस अपने मुख्य मंदिर (धाम) पहुंचा। इस अवसर पर पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा क्षेत्र “जय जगन्नाथ” के जयकारों से गुंजायमान रहा।
रथ खींचने के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
घुरती रथ यात्रा में भाग लेने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटने लगे थे। महिलाएं, पुरुष, युवा और बच्चे सभी महाप्रभु के रथ की रस्सी खींचने और पुण्य कमाने के लिए काफी उत्साहित दिखे। रथ यात्रा के दौरान पूरे रास्ते में भक्ति, उत्साह और अटूट श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
मुस्तैद रहा प्रशासन, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
रथ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुगम तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए थे।
- यात्रा मार्ग पर जगह-जगह पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे।
- श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष पुलिस बल तैनात किया गया था।
- प्रशासन की सतर्कता के कारण पूरी यात्रा बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
मेले में भी उमड़ी भीड़
रथ यात्रा के साथ-साथ प्रसिद्ध जगन्नाथपुर मेले में भी लोगों की भारी चहल-पहल देखी गई। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने अपने परिवारों के साथ मेले का आनंद लिया। देर शाम तक मंदिर परिसर और आसपास का पूरा क्षेत्र श्रद्धालुओं की रौनक से गुलजार बना रहा।
