रांची: ब्रह्माकुमारी संस्थान में श्रद्धा के साथ मनाया गया मनमोहिनी दीदी का स्मृति दिवस, वक्ताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

हरमू रोड स्थित केंद्र में हुआ विशेष कार्यक्रम; वक्ताओं ने कहा— ‘त्याग, ज्ञान और वात्सल्य की साकार प्रतिमूर्ति थीं मनमोहिनी दीदी’
रांची (हि.स.)। राजधानी रांची के हरमू रोड स्थित ब्रह्माकुमारी संस्थान में शनिवार को यज्ञ की प्रथम समन्वयक मनमोहिनी दीदी का स्मृति दिवस पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं एवं गणमान्य लोगों ने उनके व्यक्तित्व, आध्यात्मिक योगदान और मानव सेवा के कार्यों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
पूर्ण पवित्रता और सेवा के लिए समर्पित रहा जीवन: ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्र प्रशासिका ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने मनमोहिनी दीदी के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
- ईश्वरीय ज्ञान का प्रभाव: हैदराबाद में जन्मी मनमोहिनी दीदी ने ब्रह्मा बाबा के सान्निध्य में ईश्वरीय ज्ञान प्राप्त किया।
- समर्पण भाव: उन्होंने पूर्ण पवित्रता का व्रत धारण कर अपना संपूर्ण जीवन मानवता की सेवा तथा आध्यात्मिक जागरण के लिए समर्पित कर दिया।
- प्रेरणास्रोत: दीदी ज्ञान, योग, त्याग, सेवा और वात्सल्य की साकार प्रतिमूर्ति थीं, जिनका जीवन आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
आध्यात्मिक मूल्यों का संरक्षण और संस्कार परिवर्तन
कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी मनमोहिनी दीदी के विचारों को अनुकरणीय बताया:
- ज्ञानमूर्ति और योगमूर्ति थीं दीदी: डॉ. सुधीन्द्र ने कहा कि मनमोहिनी दीदी का संपूर्ण जीवन आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण और प्रसार के लिए समर्पित रहा। उनके विचार और जीवनशैली वर्तमान पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का कार्य करते हैं।
- सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा: समाजसेवी प्रेमेन्द्र गोयल ने कहा कि मनमोहिनी दीदी ने संस्कार परिवर्तन और ज्ञान-योग के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया।
सामूहिक संकल्प के साथ समापन
कार्यक्रम का समापन सामूहिक श्रद्धांजलि और मनमोहिनी दीदी के बताए आदर्शों पर चलने के संकल्प के साथ हुआ।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन, डॉ. सुधीन्द्र, समाजसेवी प्रेमेन्द्र गोयल, समाजसेवी बिनीता गोयल, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका सहित संस्थान के अनेक सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
