झारखंड कैबिनेट ने लिए कई अहम फैसले, ग्रामीण क्षेत्रों में नक्शा पास करने के लिए 4.5 मीटर चौड़ी सड़क अनिवार्य

रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, ग्रामीण विकास और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों का उद्देश्य राज्य में विकास कार्यों को गति देना और विभिन्न वर्गों को राहत प्रदान करना है।
ग्रामीण क्षेत्रों में नक्शा पास करने का नया नियम
कैबिनेट ने निर्णय लिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित संस्थानों, प्रशासनिक भवनों एवं औद्योगिक इकाइयों के भवन नक्शे तभी स्वीकृत होंगे, जब वहां कम से कम 4.5 मीटर चौड़ी सड़क उपलब्ध होगी। इस निर्णय का उद्देश्य सुनियोजित विकास और बेहतर आधारभूत संरचना सुनिश्चित करना है।
सड़क एवं भवन निर्माण को मिली मंजूरी
- आदित्यपुर नगर निगम के नए भवन निर्माण के लिए 39.67 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
- पूर्वी सिंहभूम में भुईंया सिनाल से सिसना तक 22.44 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 102.40 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
- खेराबनी से घाघरै तक 9.17 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 53.73 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई।
स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण निर्णय
कैबिनेट ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर (एयर एम्बुलेंस) किराये पर लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस पर प्रतिवर्ष लगभग 9.45 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा धनबाद स्थित मेडिकल कॉलेज में स्नातकोत्तर (पीजी) सीटों की संख्या बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया।
शिक्षकों को मिलेगा सातवें वेतनमान का बकाया
राज्य के विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों के शिक्षकों को 1 जनवरी 2016 से सातवें वेतनमान का लाभ देने तथा लंबित एरियर का ब्याज सहित भुगतान करने की स्वीकृति दी गई। साथ ही गिरिडीह के जमुआ और रामगढ़ के मांडू में नए डिग्री कॉलेजों के निर्माण को मंजूरी मिली। विभिन्न विश्वविद्यालयों में पदों के पुनर्विन्यास (री-अरेंजमेंट) को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
बच्चों और दिव्यांग विद्यार्थियों को राहत
सिकल सेल, थैलेसीमिया, हीमोफीलिया और टाइप-1 मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों तथा दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत उपस्थिति की अनिवार्यता से छूट देने का निर्णय लिया गया। आंगनबाड़ी के माध्यम से पोषाहार उपलब्ध कराने वाली टेक होम राशन एजेंसी को छह माह का सेवा विस्तार भी दिया गया।
प्रशासनिक एवं न्यायिक फैसले
कैबिनेट ने झारखंड अधिवक्ता कल्याण निधि न्यास समिति को 12.03 करोड़ रुपये हस्तांतरित करने की मंजूरी दी। कल्याण विभाग के छात्रावासों के बेहतर संचालन के लिए उपायुक्त स्तर पर चयन समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा बुंडू में अनुमंडलीय न्यायालय स्थापित करने संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। मनरेगा एवं जल जीवन मिशन की प्रगति रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत करने की स्वीकृति दी गई।
चिड़ियाघर प्राधिकार का होगा विस्तार
गिरिडीह (पूर्वी वन प्रमंडल) और दुमका वन प्रमंडल में नए चिड़ियाघरों के निर्माण को गति देने के लिए झारखंड चिड़ियाघर प्राधिकार के कार्यक्षेत्र का विस्तार करने का निर्णय लिया गया।
अधिकारियों से जुड़े निर्णय
कैबिनेट ने वेजफेड के पूर्व प्रबंध निदेशक रामोद नारायण झा के विरुद्ध पेंशन जब्ती एवं गबन राशि की ब्याज सहित वसूली संबंधी पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया। सहकारिता विभाग के चंदेश्वर कापर की वर्ष 2016 से प्रभावी बर्खास्तगी का आदेश भी रद्द किया गया। वहीं कसमार की तत्कालीन चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अर्चना चौधरी को सेवा से बर्खास्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
