महिला होमगार्ड के लंबित मानदेय पर सरकार को घेरा, दुलाल भुईयां बोले- कर्मचारियों के अधिकारों की हो रही अनदेखी
जमशेदपुर : एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कार्यरत होमगार्ड जवान फूलकुमारी के कई माह से लंबित मानदेय और आर्थिक तंगी के मामले को लेकर पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता दुलाल भुईयां ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मानदेय नहीं मिलने के कारण महिला जवान गंभीर बीमारी का समय पर इलाज भी नहीं करा पा रही हैं, जो सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में दुलाल भुईयां ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं आदिवासी समाज से आते हैं और आदिवासी हितों की बात करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आदिवासी समाज की महिलाएं और कर्मचारी अपने बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि यदि एक आदिवासी महिला कर्मचारी अपनी मेहनत की कमाई पाने के लिए महीनों तक भटकने को विवश हो, तो यह सरकार की संवेदनशीलता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के बजाय सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है।
दुलाल भुईयां ने कहा कि फूलकुमारी उनके विधानसभा क्षेत्र की निवासी हैं, इसलिए वे उनकी पीड़ा और आर्थिक कठिनाइयों को करीब से जानते हैं। उन्होंने बताया कि लंबे समय से मानदेय नहीं मिलने के कारण महिला जवान इलाज और पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में असमर्थ हैं।
भाजपा नेता ने राज्य सरकार से मांग की कि फूलकुमारी सहित सभी होमगार्ड जवानों, संविदाकर्मियों और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का लंबित मानदेय अविलंब जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि समय पर मेहनताना देना कर्मचारियों का अधिकार है, इसे किसी प्रकार की सरकारी कृपा नहीं माना जाना चाहिए।
उन्होंने सरकार से अपील की कि बड़े-बड़े दावे करने के बजाय जमीनी स्तर पर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें इलाज, परिवार के भरण-पोषण और दैनिक जरूरतों के लिए आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
