वन्यजीव अपराधों पर लगाम लगाने को लेकर रांची में उच्चस्तरीय बैठक, एजेंसियों के समन्वय पर जोर

रांची, 24 जून। वन्यजीव अपराधों की रोकथाम और अवैध तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर राजधानी रांची स्थित वन भवन मुख्यालय के विवेकानंद सभागार में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) मध्य क्षेत्र की अंतर-विभागीय एवं अंतर-एजेंसी समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न सुरक्षा, जांच और वन विभाग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
वन्यजीव तस्करी रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक की अध्यक्षता झारखंड के प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने की। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों और उनके अंगों की अवैध तस्करी को रोकना सभी संबंधित एजेंसियों की साझा जिम्मेदारी है। इसके लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान बेहद आवश्यक है।
प्रत्येक विभाग में नोडल अधिकारी नियुक्त करने का सुझाव
प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने कहा कि वन्यजीव अपराधों की निगरानी और कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों में विशेष नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जानी चाहिए। इससे विभिन्न एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने और संयुक्त कार्रवाई में तेजी आएगी।
डाक और कूरियर सेवाओं पर भी रहेगी नजर
बैठक में इस बात पर विशेष चिंता जताई गई कि अवैध वन्यजीव उत्पादों की तस्करी अब पारंपरिक मार्गों के अलावा नए माध्यमों से भी की जा रही है। अधिकारियों ने हवाई, रेल और सड़क मार्गों के साथ-साथ डाकघरों एवं कूरियर सेवाओं के जरिए होने वाले संभावित अवैध परिवहन पर भी कड़ी निगरानी रखने का निर्णय लिया।
समन्वित कार्रवाई से अपराधियों पर शिकंजा
बैठक में शामिल अधिकारियों ने वन्यजीव अपराधों के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत करने तथा तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। अधिकारियों का मानना है कि विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय से वन्यजीव अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
संरक्षण और सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्धता
बैठक में वन्यजीव संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने, अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा प्राकृतिक जैव विविधता की रक्षा के लिए सभी एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने वन्यजीव संरक्षण को राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए इस दिशा में समन्वित प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया।
