झारखंड

राज्यसभा चुनाव परिणाम पर कांग्रेस का बड़ा आरोप, राजद और वामदलों पर लगाया धोखे का आरोप

कांग्रेस प्रभारी के. राजू बोले- पैसा लेकर एनडीए प्रत्याशी के पक्ष में हुई वोटिंग

सरकार में बने रहने को लेकर होगी समीक्षा, दीपिका पांडेय ने भी जताई क्रॉस वोटिंग की आशंका

रांची। झारखंड राज्यसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद कांग्रेस ने सहयोगी दलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने दावा किया कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और वामदलों के विधायकों ने कांग्रेस के साथ विश्वासघात किया है।

विधानसभा परिसर में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए के. राजू ने कहा कि राजद और वामदल के विधायकों ने कथित तौर पर पैसा लेकर एनडीए समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को कांग्रेस के सभी 16 विधायकों का समर्थन प्राप्त हुआ था।

सरकार में रहने पर होगा मंथन

राज्यसभा चुनाव के नतीजों का सरकार की स्थिरता पर असर पड़ने संबंधी सवाल पर के. राजू ने कहा कि इस विषय पर पार्टी स्तर पर समीक्षा की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार में बने रहने या आगे की रणनीति को लेकर विचार-विमर्श होगा।

झामुमो का मिला पूरा सहयोग : दीपिका पांडेय

राज्य की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भी क्रॉस वोटिंग की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस प्रभारी ने ऐसा बयान दिया है तो उनके पास इसके आधार होंगे।

दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट थे और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का भी पूरा सहयोग मिला। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चार वोटों का समर्थन देने का आश्वासन दिया था, जो कांग्रेस को मिला। साथ ही झामुमो विधायकों के द्वितीय वरीयता वाले वोट भी कांग्रेस के पक्ष में पड़े।

हालांकि उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम का सरकार पर क्या असर पड़ेगा, इस पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन पूरे मामले पर मंथन अवश्य किया जाएगा और रिपोर्ट शीर्ष नेतृत्व को भेजी जाएगी।

राजेश ठाकुर बोले- जल्दबाजी में कुछ नहीं कहेंगे

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने भी कहा कि पार्टी प्रभारी ने अपने स्रोतों के आधार पर बयान दिया होगा। उन्होंने कहा कि तथ्यों की पूरी जानकारी मिलने के बाद ही कोई अंतिम टिप्पणी की जा सकती है। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि सरकार में बने रहने या आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर समीक्षा की जाएगी।

नतीजों ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

उल्लेखनीय है कि इंडिया गठबंधन के पास विधानसभा में 56 विधायकों का समर्थन था, जिसमें झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और वामदलों के 2 विधायक शामिल थे। झामुमो ने चुनाव से पहले 61 विधायकों के समर्थन का दावा किया था और कांग्रेस भी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रही थी।

इसके बावजूद राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की हार ने राजनीतिक गलियारों में क्रॉस वोटिंग और गठबंधन की एकजुटता को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। चुनाव परिणाम के बाद झारखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में गठबंधन की राजनीति पर इसका असर देखने को मिल सकता है।

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