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नौकरी बहाली की आस में सरयू राय के दरवाजे पहुंचे एटीएम सुरक्षा गार्ड

पूर्वी सिंहभूम, 07 जून । भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के एटीएम केंद्रों पर वर्षों से सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत कर्मचारियों का रोजगार संकट गहराता जा रहा है। नई सुरक्षा एजेंसी सीआईएसएस के आने के बाद करीब 140 सुरक्षा गार्डों को बिना स्पष्ट कारण बताए कार्य से हटा दिए जाने का मामला अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

रविवार को नौकरी से हटाए गए सुरक्षा गार्डों का एक प्रतिनिधिमंडल असंगठित क्षेत्र मजदूर प्रकोष्ठ के प्रतिनिधि अमित शर्मा के साथ जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय से मिला और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। गार्डों ने बताया कि उनमें से कई पिछले 10 से 15 वर्षों से एसबीआई के विभिन्न एटीएम केंद्रों की सुरक्षा में तैनात थे, लेकिन एजेंसी बदलने के बाद अचानक उन्हें काम से अलग कर दिया गया।

सुरक्षा गार्डों ने बताया कि नौकरी जाने के बाद उन्होंने सबसे पहले स्वयं संगठित होकर आंदोलन शुरू किया था। कई दिनों तक धरना-प्रदर्शन और अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की गई। बाद में उनके आंदोलन को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस के नेताओं का भी समर्थन मिला।

दोनों दलों के प्रतिनिधियों ने उनकी मांगों का समर्थन करते हुए एजेंसी और बैंक प्रबंधन के समक्ष मामला उठाया, लेकिन इसके बावजूद हटाए गए कर्मचारियों की बहाली नहीं हो सकी।

गार्डों का कहना है कि लगातार प्रयासों और राजनीतिक समर्थन के बावजूद जब कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला तो उन्होंने अब विधायक सरयू राय से हस्तक्षेप की मांग की है।

उनका विश्वास है कि विधायक के प्रयासों से एजेंसी और बैंक प्रबंधन के साथ सार्थक बातचीत हो सकेगी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए सरयू राय ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वह संबंधित एजेंसी और भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी लेंगे और कर्मचारियों के हित में समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। असंगठित क्षेत्र मजदूर प्रकोष्ठ के प्रतिनिधि अमित शर्मा ने बताया कि विधायक सोमवार को सीआईएसएस एजेंसी के प्रतिनिधि दीपक से भी बातचीत करेंगे।

अमित शर्मा ने कहा कि पूर्व में भी सुरक्षा एजेंसियां बदलती रही हैं, लेकिन कर्मचारियों की सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहती थीं। इस बार नई एजेंसी के आने के बाद बड़े पैमाने पर छंटनी की गई है और कम वेतन पर नए लोगों की नियुक्ति की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि नौकरी जाने की आशंका और मानसिक तनाव के कारण एक महिला सुरक्षा गार्ड के पति की भी सदमे में मृत्यु हो गई थी।

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