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झारखंड में राज्यसभा चुनाव पर रार: जेएमएम की दो टूक, ‘कांग्रेस ने बिना पर्याप्त संख्याबल के उम्मीदवार घोषित करके गठबंधन धर्म को पहुंचाया ठेस’

Ranchi: झारखंड की सियासत में इस वक्त राज्यसभा चुनाव को लेकर पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. महागठबंधन के भीतर सीटों के गणित और उम्मीदवारी को लेकर खींचतान खुलकर सामने आ गई है. झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने साफ कर दिया है कि राज्य की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते दोनों राज्यसभा सीटों पर उसका स्वाभाविक हक बनता है. जेएमएम नेतृत्व ने कांग्रेस द्वारा एकतरफा उम्मीदवार घोषित किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे पीठ पर वार जैसा बताया है.

कार्यकर्ताओं की भावना: दोनों सीटों पर जेएमएम का हो कब्जा

झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे ने पार्टी की मंशा साफ करते हुए कहा कि विधायक, सांसद और मंत्रियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अपनी सामूहिक भावना से अवगत करा दिया है. पार्टी का स्पष्ट मानना है कि जेएमएम को दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने चाहिए. विनोद पांडे ने कहा- ‘हम राज्य के सबसे बड़े दल हैं और हमारे नेतृत्व में ही सरकार चल रही है. ऐसे में उम्मीदवार तय करने से पहले कांग्रेस को हमारे नेता से अंतिम सहमति (फाइनल कंसर्न) लेनी चाहिए थी.’

सुप्रियो भट्टाचार्य की दो टूक: विपरीत हालातों में जीते, हक हमारा है

पार्टी के वरिष्ठ नेता और महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कांग्रेस को आईना दिखाते हुए कहा कि लोकसभा और विधानसभा का चुनाव मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के चेहरे पर जीता गया है, इसलिए राज्यसभा चुनाव की कमान भी उन्हीं के हाथ में है. उन्होंने जेएमएम के पुराने त्याग को याद दिलाते हुए कहा कि जब राजद का महज एक विधायक था, तब भी उन्हें मंत्री पद दिया गया और सहयोगियों की संख्या कम होने के बावजूद जेएमएम ने बड़ा दिल दिखाते हुए उन्हें 4 मंत्री पद सौंपे थे. ऐसे में अब जेएमएम कार्यकर्ताओं के सम्मान की बारी है.

कांग्रेस के पास संख्याबल नहीं, फिर भी सपना देख रहे

कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि कांग्रेस ने बिना पर्याप्त संख्याबल के उम्मीदवार घोषित करके गठबंधन धर्म को ठेस पहुंचाई है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही राज्यसभा जाने का सपना देख रही हैं, लेकिन संसद वही पहुंचेगा जिसके पास नंबर होंगे. कांग्रेस को यह नहीं भूलना चाहिए कि लोकसभा चुनाव में जेएमएम ने उनके लिए कितनी सीटें छोड़ी थी. जेएमएम ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अनुरोध किया है कि वे सभी पहलुओं की समीक्षा कर 8 जून तक अंतिम फैसला लें.

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