अनाथ बच्चों की मदद और नशामुक्त समाज पर जोर, डालसा ने तमाड़ में चलाया जागरूकता अभियान

Ranchi : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) रांची की ओर से चलाए जा रहे 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को तमाड़ प्रखंड के रायडीह गांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लोगों को विभिन्न कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और झालसा की विशेष योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। यह कार्यक्रम झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद के निर्देश पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन माननीय सदस्य सचिव झालसा कुमारी रंजना अस्थाना एवं न्यायायुक्त रांची अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान डालसा सचिव राकेश रौशन भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में एलएडीसी राजेश सिन्हा, पीएलवी मानव कुमार, शिवम कुमार गोंड, सोनामनी देवी, अनिमा मल्लिक, पूजा कुमारी, प्रदुमन प्रमाणिक, प्रवीण मुंडा समेत कई लोग उपस्थित थे।
शिशु योजना का उद्देश्य अनाथ बच्चों को सहारा देना
कार्यक्रम के दौरान पीएलवी मानव कुमार ने झालसा की “शिशु योजना” के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन बच्चों को सहायता प्रदान करना है, जिन्होंने कोरोना महामारी या अन्य कारणों से अपने माता-पिता अथवा परिवार के कमाऊ सदस्य को खो दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों को आर्थिक, सामाजिक और कानूनी सहायता देकर उनके अधिकारों की रक्षा की जाती है। साथ ही उन्हें बाल श्रम, बाल तस्करी और अन्य प्रकार के शोषण से बचाने का प्रयास किया जाता है।
नशे से दूर रखने के लिए डॉन योजना
पीएलवी सोनामनी देवी ने झालसा की “डॉन योजना” के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि समाज को नशामुक्त बनाने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नशे की लत से दूर रखें और उनके व्यवहार पर लगातार नजर बनाए रखें। उन्होंने कहा कि जागरूक समाज ही नशे जैसी सामाजिक बुराइयों को खत्म कर सकता है।
बाल विवाह, मानव तस्करी और सरकारी योजनाओं की भी दी जानकारी
कार्यक्रम में मौजूद पीएलवी पूजा कुमारी ने लोगों को बाल विवाह, बाल श्रम, मानव तस्करी, डायन प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक किया। इसके अलावा विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन, स्पॉन्सरशिप प्रोग्राम और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने लोगों से कहा कि यदि किसी को कानूनी सहायता की जरूरत हो तो वह निःशुल्क रूप से जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क कर सकता है।
राष्ट्रीय लोक अदालत की दी जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान लोगों को आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि लोक अदालत के माध्यम से कई मामलों का त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान किया जा सकता है।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों के बीच विभिन्न योजनाओं और कानूनी अधिकारों से संबंधित पंपलेट एवं लीफलेट वितरित किए गए। डालसा की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और जरूरत पड़ने पर निःशुल्क कानूनी सहायता का लाभ उठाएं।
