फर्जी सिम से चल रहा था साइबर ठगी का खेल, जामताड़ा से 5 गिरफ्तार

Jamtara : साइबर अपराध के लिए कुख्यात जामताड़ा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें चार साइबर ठग और एक फर्जी सिम कार्ड सप्लायर शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड समेत कई सामान भी बरामद किये हैं। मामले की जानकारी देते हुए एसपी शंभू कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि साइबर थाने के प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई थी। पुलिस टीम ने करामाटांड थाना क्षेत्र के बरमुंडी गांव और आसपास के क्षेत्र के जंगलों की तलाशी ली। इस दौरान चार साइबर कंपनियों को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में रिजवान वकील, बसीर वकील, सकलैन वकील और सफाउद्दीन वकील शामिल हैं। सभी बरमुंडी गांव में रहने वाले हैं।
फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाला भी गिरफ्तार
एक अलग कार्रवाई में पुलिस ने कालाझरिया स्थित पेट्रोल पंप के पास से मुजाहिद अंसारी को गिरफ्तार किया। वह साइबर अपराधियों को फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने का काम करता था। मुजाहिद करमाटांड़ थाना क्षेत्र के मटटांड़ गांव का निवासी है। एसपी ने बताया कि आरोपी गूगल के जरिए क्रेडिट और डेबिट कार्ड धारकों के मोबाइल नंबर निकालते थे। इसके बाद लोगों को कॉल कर बैंक खाता या कार्ड बंद होने का डर दिखाते थे। फिर मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल करवाकर बैंक डिटेल और गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके बाद खाते से पैसे उड़ा दिए जाते थे।
कई राज्यों तक फैला है नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं था। आरोपी महाराष्ट्र, गुजरात और पश्चिम बंगाल के लोगों को भी निशाना बना रहे थे। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी रिजवान अंसारी के खिलाफ पहले भी साइबर थाना जामताड़ा में मामला दर्ज हो चुका है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कई सामान जब्त किए हैं, जिनमें शामिल हैं- 5 मोबाइल फोन, 6 सिम कार्ड, 3 एटीएम कार्ड, 1 पैन कार्ड, 1 आधार कार्ड, 1 मोटरसाइकिल। दोनों मामलों में साइबर अपराध थाना कांड संख्या 27/2026 और 28/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023, आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
