झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स ने शुरू किया औद्योगिक क्षेत्रों के निरीक्षण का राज्यव्यापी अभियान
रांची : राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा राज्यव्यापी निरीक्षण अभियान की शुरुआत की गई है। अभियान के तहत आज पतरातू, रामगढ़, हजारीबाग एवं बरही इंडस्ट्रियल एरिया का दौरा कर वहां की आधारभूत सुविधाओं और उद्यमियों की समस्याओं का जायजा लिया गया।
निरीक्षण दल का नेतृत्व चैम्बर के सह सचिव रोहित पोद्दार ने किया। इस दौरान कार्यकारिणी सदस्य तुलसी पटेल, नॉर्थ छोटानागपुर प्रमंडल के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विनय अग्रवाल, रामगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मंजीत साहनी एवं सचिव मनोज चतुर्वेदी भी मौजूद रहे। अभियान में जियाडा के प्रबंध निदेशक तथा उद्योग विभाग का सहयोग भी प्राप्त हुआ।
चैम्बर प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय उद्यमियों के साथ विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा कर बैठक आयोजित की, जिसमें पानी, बिजली, सड़क और ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी प्रमुख मुद्दा रही। उद्यमियों ने इंडस्ट्रियल एरिया में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा पुलिस पिकेट स्थापित करने की मांग भी उठाई।
उद्यमियों ने कहा कि यदि औद्योगिक क्षेत्रों के लिए अलग विद्युत फीडर की व्यवस्था कर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तो उत्पादन क्षमता में वृद्धि संभव है। उन्होंने यह भी बताया कि नियमित रूप से एएमसी शुल्क जमा करने के बावजूद सड़कों और अन्य आधारभूत सुविधाओं के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे सड़कों की स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है। बारिश के दौरान लोडिंग-अनलोडिंग कार्य में भी भारी परेशानी होती है।
बैठक में दीर्घकालिक औद्योगिक नीति लागू करने, सब्सिडी एवं प्रोत्साहन राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने तथा उद्योग विभाग द्वारा एक समर्पित हेल्पलाइन जारी करने की मांग भी उठी। कई उद्यमियों ने प्लॉट आवंटन के बावजूद पजेशन नहीं मिलने और अप्रोच रोड की कमी जैसी समस्याओं से अवगत कराया।
हजारीबाग के एक उद्यमी ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व भूमि आवंटन होने के बावजूद अब तक पजेशन नहीं मिला है और जमा राशि भी वापस नहीं की गई। वहीं कुछ उद्यमियों ने निजी भूमि पर उद्योग स्थापित करने के बाद भी जियाडा द्वारा बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने की शिकायत की।
बरही इंडस्ट्रियल एरिया में भी जर्जर सड़क, जल संकट और बिजली समस्या को लेकर उद्यमियों ने चिंता जताई। सभी जिलों के उद्यमियों ने झारखण्ड चैम्बर की इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि इससे उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
चैम्बर के सह सचिव रोहित पोद्दार ने कहा कि इस अभियान के तहत राज्य के लगभग 160 औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तृत सर्वेक्षण कर एक समग्र रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे उद्योग विभाग को सौंपा जाएगा ताकि समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इससे पुराने उद्योगों के विस्तार और नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यकारिणी सदस्य तुलसी पटेल ने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए मजबूत आधारभूत संरचना आवश्यक है। यदि सड़क, बिजली, पानी और सुरक्षा जैसी सुविधाएं बेहतर होंगी तो राज्य में निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विनय अग्रवाल ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय से ही उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा सकता है।
इस अवसर पर ईओडीबी मैनेजर अंशुमान सिंह, श्याम कुमार, हजारीबाग चैम्बर के अध्यक्ष शम्भूनाथ अग्रवाल, सुबोध अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, राकेश ठाकुर, बरही इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष पीके गर्ग सहित कई उद्यमी उपस्थित थे।
