रांची में पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था होगी हाईटेक, तैयारी में जोर-शोर से जुटा विभाग

Ranchi : राजधानी रांची में पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी और दुरुस्त बनाने के लिए झारखंड सरकार का पेयजल एवं स्वच्छता विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से विभाग ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम शुरू करने की रूपरेखा तैयार कर ली है। इसके तहत गोंदा प्रमंडल, रांची द्वारा अल्पकालीन निविदा जारी कर मरम्मत, नवीनीकरण और नई जलापूर्ति व्यवस्थाओं के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सरकारी परिसरों से लेकर आवासीय इलाकों तक सुधार की योजना
विभाग की इस योजना में शहर के प्रमुख सरकारी परिसरों और आवासीय इलाकों पर विशेष ध्यान दिया गया है। योजना के अनुसार एसएसपी आवास, सर्कुलर रोड स्थित नियोजन कार्यालय और बरियातू क्षेत्र में जलापूर्ति व स्वच्छता से संबंधित महत्वपूर्ण कार्य कराए जाएंगे। एसएसपी आवास में पुराने सम्प और पंप हाउस की मरम्मत के साथ-साथ जले हुए मोटर पंपों को बदला जाएगा और नए वाल्व चैंबर का निर्माण होगा। वहीं, नियोजन कार्यालय में शौचालय और बाथरूम के जीर्णोद्धार के साथ सीपेज की मरम्मत और सीवरेज व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया जाएगा।
बरियातू में आधुनिक जलापूर्ति प्रणाली का निर्माण
बरियातू स्थित अधिकारी फ्लैट परिसर में एक नई और आधुनिक जलापूर्ति प्रणाली विकसित करने की योजना है। इसके तहत परिसर में शक्तिशाली सबमर्सिबल मोटर पंप की स्थापना की जाएगी। साथ ही, पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए आयरन रिमूवल फिल्टर प्लांट लगाया जाएगा और पुराने पाइपलाइन नेटवर्क को पूरी तरह दुरुस्त किया जाएगा। इस पहल से इलाके के निवासियों को साफ और पर्याप्त पेयजल मिल सकेगा।
निविदा प्रक्रिया तेज, तय समय में होगा काम
विभाग ने इन सभी योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने के लिए एक स्पष्ट समयसीमा तय की है। निविदा प्रक्रिया 7 और 8 मई को पूरी कर ली जाएगी, जिसके तुरंत बाद चयनित एजेंसियों को काम आवंटित कर दिया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि अधिकांश कार्यों को 15 दिन से एक महीने के भीतर पूरा कर लिया जाए ताकि आम जनता को जल्द लाभ मिल सके।
शहरी बुनियादी ढांचे को मिलेगा नया बल
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की इन पहलों को रांची के शहरी बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। विभाग का मुख्य फोकस न केवल पुरानी और जर्जर व्यवस्थाओं की मरम्मत पर है, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से जलापूर्ति और स्वच्छता सेवाओं को टिकाऊ और प्रभावी बनाना भी है। इससे भविष्य में शहरवासियों को बेहतर और आधुनिक नागरिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
