Home

सामूहिक सोलर खेती से बदलेगी झारखंड के किसानों की तकदीर, सरकार खरीदेगी बिजली: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

Ranchi: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा और दूरगामी ऐलान किया है। रांची के खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम  सीएम ने कहा कि अब खेतों का उपयोग केवल पारंपरिक खेती तक ही सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने ग्रामीणों को अपनी खाली और बंजर जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन करने का सुझाव दिया।

सरकार की इस नई पहल के तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामसभा के माध्यम से सामूहिक सोलर खेती की जा सकेगी और उत्पादित बिजली की खरीदारी सीधे राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस योजना से ग्रामीणों की आय में इजाफा होगा और वे आर्थिक रूप से समृद्ध व आत्मनिर्भर बनेंगे। सिंचाई की सुविधाओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में खेती को और अधिक लाभकारी बनाने के लिए लिफ्ट इरिगेशन जैसी आधुनिक तकनीकों को प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने संताल परगना में इस दिशा में हुई उल्लेखनीय प्रगति का हवाला देते हुए कहा कि भविष्य में इन्हीं योजनाओं को अन्य क्षेत्रों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण सशक्तीकरण में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मुखिया और पंचायत प्रतिनिधि ग्रामीणों के सबसे करीब होते हैं और वे ग्राम पंचायत व्यवस्था का आधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य का वास्तविक विकास तभी संभव है जब गांव मजबूत होंगे, क्योंकि गांव ही राज्य की जड़ें हैं और मजबूत जड़ों पर ही विकास का पेड़ खड़ा हो सकता है।

सरकार की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पंचायत सेवकों से लेकर उच्च अधिकारियों तक एक सशक्त ढांचा मौजूद है, जो जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। जब इन दोनों व्यवस्थाओं का समन्वय बेहतर होगा, तभी विकास की गति को और अधिक तेज किया जा सकेगा। इसी कड़ी में उन्होंने ‘मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना’ का उल्लेख करते हुए इसे एक परिवर्तनकारी पहल बताया।

उन्होंने कहा कि यह योजना महज पुरस्कार देने के लिए नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य पंचायतों में नवाचार, पारदर्शिता और उत्कृष्ट कार्य करने की संस्कृति को बढ़ावा देना है। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से वे अपने क्षेत्रों में सुशासन सुनिश्चित करें, ताकि आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *