सदर अस्पताल रांची में जन्मजात हृदय रोग पर कार्यशाला, स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी हुए शामिल

📅 दिनांक: 10 अप्रैल 2026 | 📍 स्थान: सदर अस्पताल, रांची
रांची: सदर अस्पताल रांची में शुक्रवार को जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Disease) पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी उपस्थित रहे।
इस कार्यशाला में राज्य भर से लगभग 100 निजी और सरकारी शिशु रोग विशेषज्ञ एवं चिकित्सकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की शीघ्र पहचान, बेहतर प्रबंधन और समय पर उपचार सुनिश्चित करना था।
👨⚕️ विशेषज्ञों और अधिकारियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, अमृता हॉस्पिटल कोच्ची के डॉ आर. कृष्ण कुमार (HOD, पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी), डॉ ब्रजेश पीके (हार्ट सर्जन), डॉ निशांत, डॉ अमित कुमार पाण्डेय, राज्य नोडल पदाधिकारी (RBSK) डॉ विजय किशोर रजक एवं सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार सहित कई अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
🗣️ समय पर इलाज से बचाई जा सकती है जान
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने कहा कि जन्मजात हृदय रोग की समय पर पहचान और उचित इलाज बेहद आवश्यक है। सही समय पर उपचार मिलने से बच्चे पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
🏥 स्वास्थ्य मंत्री की बड़ी घोषणाएं
स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने इस पहल के लिए अमृता हॉस्पिटल की टीम की सराहना की और बताया कि:
- अमृता हॉस्पिटल द्वारा झारखंड के लगभग 250 बच्चों की निशुल्क सर्जरी की जा चुकी है
- आने वाले 1 वर्ष में RIMS-2 को एशिया का सबसे बड़ा हाईटेक अस्पताल बनाया जाएगा
- रिनपास में मेडिको सिटी स्थापित की जाएगी
- राज्य में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा
- अगले 3–4 वर्षों में 8 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे
- स्वास्थ्य सेवाओं में AI तकनीक को भी शामिल किया जाएगा
❤️ जन्मजात हृदय रोग: एक गंभीर लेकिन इलाज योग्य बीमारी
अमृता हॉस्पिटल कोच्ची के डॉ आर. कृष्ण कुमार ने बताया कि जन्मजात हृदय रोग बच्चों में जन्म से ही मौजूद हृदय की संरचनात्मक समस्या होती है, जो लगभग 1000 में से 8 बच्चों को प्रभावित करती है।
मुख्य लक्षण:
- शरीर का नीला पड़ना
- दूध पीने में कठिनाई
- तेज सांस
- वजन न बढ़ना
उन्होंने बताया कि समय पर पहचान और सर्जरी से अधिकांश बच्चों का सफल इलाज संभव है।
🚑 RBSK के तहत महत्वपूर्ण पहल
यह कार्यशाला राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि भविष्य में इस तरह की सर्जरी सदर अस्पताल में ही उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि मरीजों को राज्य के बाहर न जाना पड़े।
🙏 धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में राज्य नोडल पदाधिकारी (RBSK) डॉ विजय किशोर रजक ने सभी चिकित्सकों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।
