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ETD बढ़ोतरी और सख्त नियमों से रांची के शराब विक्रेता परेशान, बोले- अब अस्तित्व की लड़ाई

Ranchi : रांची जिले में शराब कारोबार से जुड़े खुदरा विक्रेताओं की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। उत्पाद परिवहन शुल्क (ETD) में भारी बढ़ोतरी, अवास्तविक राजस्व लक्ष्य और सख्त नियमों के कारण व्यापारियों ने अपनी चिंता जाहिर की है। रांची वाइन रिटेलर्स एसोसिएशन (RWRA) ने इन मुद्दों को गंभीर बताते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि रांची में ETD की दरें राज्य के अन्य जिलों की तुलना में काफी अधिक बढ़ा दी गई हैं। इससे यहां के दुकानदारों को दूसरे जिलों के मुकाबले ज्यादा लागत उठानी पड़ रही है, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धा कमजोर हो रही है।

अव्यावहारिक राजस्व लक्ष्य पर सवाल

RWRA के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए जो राजस्व लक्ष्य तय किए गए हैं, वे जमीनी हकीकत से बिल्कुल अलग हैं। खासकर 2026-27 के लिए MGQR में 10 फीसदी की बढ़ोतरी को व्यापारियों ने बेहद कठोर कदम बताया है। उनका कहना है कि इससे कारोबार चलाना मुश्किल हो जाएगा।

स्टॉक उठाव में देरी पर भी जुर्माना

बाजार में मंदी के कारण दुकानदारों को स्टॉक उठाने में करीब 40 दिन तक का समय लग रहा है। इसके बावजूद विभाग की ओर से भारी जुर्माना लगाया जा रहा है और MGR लेफ्ट कोटा भी रोका जा रहा है। एसोसिएशन ने इसे पूरी तरह अनुचित बताया है।

कैंटीन स्टॉक से बाजार प्रभावित

व्यापारियों का आरोप है कि रक्षा कैंटीन का स्टॉक बड़ी मात्रा में अवैध रूप से खुले बाजार में पहुंच रहा है। इससे लाइसेंसधारी दुकानदारों की बिक्री पर सीधा असर पड़ रहा है। एसोसिएशन ने इस पर सख्त निगरानी और कार्रवाई की मांग की है।

तिमाही कोटा प्रणाली की मांग

RWRA ने मौजूदा मासिक स्टॉक उठाव प्रणाली को अव्यवहारिक बताते हुए तिमाही कोटा लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे बाजार की वास्तविक मांग के अनुसार स्टॉक उठाना आसान होगा और नुकसान कम होगा।

“यह अब अस्तित्व की लड़ाई”

एसोसिएशन ने अपने बयान में कहा कि दुकानदारों के पास करोड़ों रुपये का स्टॉक बिना बिके पड़ा है। बढ़ती लागत और घटती बिक्री के बीच कारोबार चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ETD में समानता नहीं लाई गई और राजस्व लक्ष्य को व्यावहारिक नहीं बनाया गया, तो कई दुकानदारों के लिए व्यवसाय जारी रखना संभव नहीं होगा।

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