चाईबासा में कांग्रेस का 10 दिवसीय शिविर शुरू, 31 मार्च को आएंगे राहुल गांधी

Chaibasa : झारखंड के चाईबासा में कांग्रेस पार्टी का 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर आज से शुरू हो गया है। यह शिविर संगठन सृजन अभियान के तहत आयोजित किया जा रहा है, जिसका मकसद पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और नए नेतृत्व को तैयार करना है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने बताया कि यह शिविर पार्टी के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम साबित होगा।
31 मार्च को आएंगे राहुल गांधी
इस शिविर का समापन 31 मार्च को होगा। इस दिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी इसमें शामिल होंगे। उनके आने को लेकर कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है और माना जा रहा है कि वे संगठन को लेकर अहम दिशा-निर्देश देंगे।
झारखंड और ओडिशा के जिलाध्यक्ष शामिल
इस प्रशिक्षण शिविर में झारखंड और ओडिशा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष हिस्सा ले रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, ओडिशा के 35 और झारखंड के 25 जिलाध्यक्ष इस शिविर में भाग ले रहे हैं। उन्हें संगठन विस्तार, जनसंपर्क और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी।
रणनीति और नेतृत्व विकास पर जोर
शिविर के दौरान कई सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पार्टी को मजबूत बनाने की रणनीति, जनता से जुड़ाव और राजनीतिक समझ पर खास फोकस रहेगा। नेताओं को यह भी बताया जाएगा कि जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याओं को कैसे समझा जाए और उन्हें पार्टी की नीतियों से कैसे जोड़ा जाए।
फील्ड विजिट और जनसंवाद भी होगा
इस कार्यक्रम के तहत जिलाध्यक्षों को दो दिनों का फील्ड विजिट भी कराया जाएगा। इस दौरान वे अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर आम लोगों से सीधे संवाद करेंगे, जिससे उन्हें जमीनी हालात समझने में मदद मिलेगी।
वरिष्ठ नेता देंगे प्रशिक्षण
शिविर में कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी शामिल हो रहे हैं। इनमें के. राजू, अजय कुमार लल्लू, भक्त चरणदास और शशिकांत सेंथिल जैसे नेता शामिल हैं। इसके अलावा प्रदीप यादव, राधाकृष्ण किशोर, डॉ इरफान अंसारी, दीपिका पांडेय सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की, राजेश कच्छप, बंधु तिर्की, डॉ अभय सागर मिंज, संजय बसु मल्लिक और दयामनी बारला भी अलग-अलग सत्रों में प्रशिक्षण देंगे।
संगठन को नई ऊर्जा देने की कोशिश
कांग्रेस का यह शिविर संगठन को नई दिशा और ऊर्जा देने की कोशिश है। पार्टी को उम्मीद है कि इस पहल से आने वाले समय में संगठनात्मक ढांचा मजबूत होगा और जनता के बीच पकड़ भी बेहतर बनेगी।
