रांची में एंटी-डोपिंग एवं नैतिक जागरूकता सेमिनार आयोजित
खिलाड़ियों को ‘क्लीन स्पोर्ट’ और फेयर प्ले का दिया गया संदेश

रांची। झारखंड ओलंपिक एसोसिएशन के तत्वावधान में पर्नोड रिकार्ड इंडिया फाउंडेशन, स्पोर्ट्ज़विलेज फाउंडेशन एवं राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) के संयुक्त सहयोग से रांची स्थित आईएमए क्लब में एंटी-डोपिंग एवं नैतिक जागरूकता सेमिनार का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में NADA के विशेषज्ञ योगेश कुमार ने डोपिंग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सरल शब्दों में डोपिंग एवं एंटी-डोपिंग की परिभाषा, इसके दुष्परिणाम तथा खिलाड़ियों की जिम्मेदारियों को समझाते हुए जागरूक किया।
इस अवसर पर झारखंड ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव डॉ. मधुकांत पाठक ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए ‘क्लीन स्पोर्ट’ की आवश्यकता पर जोर दिया और डोपिंग से दूर रहने के लिए प्रेरित किया।
सेमिनार में लगभग 200 खिलाड़ी, कोच एवं खेल पदाधिकारी उपस्थित रहे।
यह कार्यशाला पर्नोड रिकार्ड इंडिया फाउंडेशन की CSR पहल “रफ्तार एथलीट विकास कार्यक्रम” के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य झारखंड के उभरते खिलाड़ियों, विशेषकर आदिवासी समुदाय के खिलाड़ियों को बेहतर अवसर, मार्गदर्शन एवं संसाधन उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम के दौरान NADA विशेषज्ञों ने एंटी-डोपिंग नियमों, खिलाड़ियों के अधिकार एवं कर्तव्यों तथा निष्पक्ष खेल (Fair Play) के महत्व पर विस्तृत चर्चा की। इसके साथ ही ‘हाई परफॉर्मेंस माइंडसेट’ पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें खिलाड़ियों को मानसिक दृढ़ता, अनुशासन एवं प्रतिस्पर्धी खेल के लिए आवश्यक तैयारी के बारे में जानकारी दी गई।
इस अवसर पर शिवेन्द्र दुबे, पुष्पा हस्सा, राजेंद्र प्रसाद सहित विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी एवं कोच उपस्थित थे।

