रांची के धुर्वा में बने 393 मकानों के आवंटन से पहले लाभुक सूची की होगी जांच : मंत्री सुदिव्य
HEC की सरप्लस जमीन विस्थापित रैयतों को नहीं हो सकती वापस : मंत्री
Ranchi : झारखंड विधानसभा में रांची के धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मौजा में बने आवासों के आवंटन का मुद्दा उठा. हटिया विधायक नवीन जायसवाल ने वहां बने मकानों को जल्द विस्थापितों को आवंटित करने की मांग की.
इस पर जवाब देते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि जगन्नाथपुर मौजा में कुल 393 मकान बनकर तैयार हैं. उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में पूर्व की सरकार के समय एक निजी परामर्श संस्थान से विस्थापित लाभुकों की सूची का सर्वेक्षण कराया गया था. यह संभवतः पहला मामला है, जब किसी निजी संस्थान से इस तरह का सर्वे कराया गया.
मंत्री ने कहा कि निजी संस्थान के सर्वेक्षण में 108 ऐसे लोगों के नाम जोड़े गए हैं, जो वास्तविक लाभुक नहीं, बल्कि बाहरी लोग हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि हेमंत सोरेन सरकार किसी भी हाल में बाहरी लोगों को जमीन या मकान आवंटित नहीं होने देगी.
वहीं, विधायक नवीन जायसवाल ने भूमि अधिग्रहण कानून-2013 और राज्य सरकार के घोषणा पत्र का हवाला देते हुए पूछा कि क्या सरप्लस जमीन रैयतों को वापस करने का प्रावधान लागू किया जाएगा. इस पर मंत्री ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश में स्पष्ट है कि रैयतों से अधिग्रहित अतिरिक्त जमीन वापस नहीं की जाएगी.
विधायक नवीन जायसवाल ने मामले की पूरी जांच के लिए कमिटी गठित करने और विस्थापितों को जल्द बसाने की मांग की. इस पर मंत्री सुदिव्य कुमार ने सदन से समय देने का अनुरोध करते हुए कहा कि अगले सत्र से पहले सरकार इस मामले में कोई ठोस निर्णय लेगी.
