रांची

एयर एंबुलेंस हादसा : डीजीसीए की टीम रांची पहुंची, ब्लैक बॉक्स रिकवर करने जायेगी चतरा

एयर एंबुलेंस

Ranchi : झारखंड के चतरा में बीती रात हुए एयर एंबुलेंस हादसे के बाद अब जांच तेज हो गई है। डीजीसीए यानी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की टीम रांची पहुंच चुकी है और चतरा के सिमरिया इलाके में मौके पर जाएगी। टीम ब्लैक बॉक्स को बरामद करने और तकनीकी पहलुओं की जांच करेगी, ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके।

रांची से दिल्ली जा रही थी मेडिकल फ्लाइट

मालूम हो कि यह एयर एंबुलेंस Redbird Airways Pvt. Ltd. की थी। विमान ने रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भरा था। जानकारी के मुताबिक इसने 1337 UTC यानी शाम 7 बजकर 7 मिनट पर उड़ान भरी थी। इसे रात 10 बजे के आसपास दिल्ली पहुंचना था। विमान में एक मरीज को इलाज के लिए ले जाया जा रहा था।

आखिरी संपर्क पलामू-गढ़वा इलाके में

उड़ान के दौरान विमान से आखिरी बार संपर्क शाम करीब 7:30 बजे पलामू और गढ़वा क्षेत्र में हुआ। इसके बाद वायरलेस सिग्नल बंद हो गया। एयर ट्रैफिक कंट्रोल को जब संपर्क नहीं मिला तो चिंता बढ़ी। थोड़ी देर बाद चतरा जिले के सिमरिया इलाके से विमान के गिरने की खबर आई।

विमान में सवार थे 7 लोग

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विमान में कुल 7 लोग सवार थे। इनमें पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत, को-पायलट कैप्टन सवराजदीप सिंह, मरीज संजय कुमार, डॉक्टर डॉ. विकास कुमार गुप्ता, पैरामेडिक सचिन कुमार मिश्रा और दो अटेंडेंट अर्चना देवी व धुरु कुमार शामिल थे। सभी भारतीय नागरिक बताए गए हैं।

तकनीकी खराबी की आशंका

हादसे के पीछे क्या वजह रही, इस पर अभी आधिकारिक बयान नहीं आया है। शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि ब्लैक बॉक्स की जांच और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद ही कुछ साफ कहा जा सकेगा।

ब्लैक बॉक्स से खुलेंगे राज

डीजीसीए की टीम मलबे से फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर बरामद करने की कोशिश करेगी। इन्हीं उपकरणों से पता चलता है कि उड़ान के आखिरी मिनटों में क्या हुआ। मौसम, तकनीकी स्थिति और पायलट की बातचीत, सबकी जांच होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *