जामताड़ा में चुनावी माहौल चरम पर, अंतिम दिन दिखा जोरदार शक्ति प्रदर्शन

जामताड़ा : नगर निकाय चुनाव प्रचार के आखिरी दिन जामताड़ा शहर पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा नजर आया। नगर अध्यक्ष पद की प्रत्याशी आशा गुप्ता ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए एक विशाल रैली निकाली और बदलाव का संदेश दिया। शहर की सड़कों पर हजारों समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा।
आशा गुप्ता की रैली में उमड़ा जनसैलाब
जामताड़ा नगर पंचायत क्षेत्र के सभी वार्डों से बड़ी संख्या में लोग रैली में शामिल हुए। समर्थकों के हाथों में तख्तियां और झंडे थे, और वे जोरदार नारेबाजी करते हुए शहर का भ्रमण कर रहे थे। रैली ने पूरे शहर का चक्कर लगाया। जहां-जहां से रैली गुजरी, वहां लोगों की भीड़ जुटती गई। आशा गुप्ता ने लोगों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि इस बार बदलाव तय है। उन्होंने दावा किया कि हर वार्ड से उन्हें भरपूर समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा, “जनता विकास चाहती है और हम उसी संकल्प के साथ मैदान में हैं। शहर की तस्वीर बदलना ही हमारा लक्ष्य है।” इस मौके पर शहर के जाने-माने समाजसेवी तरुण कुमार गुप्ता, जामताड़ा जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहनलाल बर्मन, राजा नित्य गोपाल सिंह समेत कई व्यापारी और समर्थक मौजूद रहे।
15 साल के कुशासन के बाद बदलाव की बात
समाजसेवी तरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में शहर ने काफी समस्याएं झेली हैं। अब लोगों में बदलाव की लहर साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि सभी वार्डों से लोग भारी संख्या में निकलकर रैली में शामिल हुए हैं, जो आने वाले नतीजों का संकेत है। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन इस शक्ति प्रदर्शन को काफी अहम माना जा रहा है। अब सबकी नजर मतदान और परिणाम पर टिकी हुई है।
चमेली देवी ने निकाली बाइक रैली, मांगा समर्थन
अध्यक्ष पद की एक और प्रत्याशी चमेली देवी ने भी अंतिम दिन जोरदार बाइक रैली निकालकर अपनी ताकत दिखाई। झारखंड मुक्ति मोर्चा जिला कार्यालय से निकली यह रैली चंचल माता मंदिर चौक, मुख्य बाजार, टावर चौक, सुभाष चौक होते हुए पूरे नगर में घुमी। सैकड़ों कार्यकर्ता बाइक पर सवार होकर रैली में शामिल हुए। शहर में जगह-जगह समर्थकों ने उनका स्वागत किया और नारे लगाए।
दिवंगत पति के सपनों को पूरा करने की बात
चमेली देवी ने भावुक अंदाज में कहा कि उनके पति स्वर्गीय विष्णु प्रसाद भैया के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद वह सक्रिय राजनीति में आईं। उन्होंने कहा, “मैंने बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन मेरी एक ही इच्छा है कि मेरे पति ने शहर के विकास का जो सपना देखा था, उसे मैं आगे बढ़ा सकूं।” उन्होंने कहा कि जनता से उन्हें अच्छा समर्थन मिल रहा है और उन्हें भरोसा है कि इस बार जामताड़ा की जनता उन्हें मौका जरूर देगी।
अब जनता के फैसले का इंतजार
प्रचार थम चुका है और अब शहर में चर्चा सिर्फ मतदान और परिणाम को लेकर हो रही है। अंतिम दिन दोनों प्रत्याशियों ने पूरी ताकत दिखाई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि जामताड़ा की जनता किसके पक्ष में अपना फैसला सुनाती है। फिलहाल शहर में चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है और हर कोई नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
