झारखंड विधानसभा में आयुष सेवाओं की बदहाली पर हंगामा, 670 में सिर्फ 48 डॉक्टर तैनात

रांची : Ranchi में चल रहे Jharkhand Legislative Assembly के सत्र के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, खासकर आयुष चिकित्सा (आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी) की स्थिति पर तीखी बहस हुई।
670 पद, मात्र 48 डॉक्टर
विधायक C. P. Singh ने सदन में आंकड़े पेश करते हुए कहा कि राज्य में आयुष के 670 स्वीकृत पद हैं, लेकिन वर्तमान में सिर्फ 48 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि वर्ष 2022 में ही बहाली के लिए प्रस्ताव Jharkhand Public Service Commission (जेपीएससी) को भेजा गया था, तो तीन साल बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं हुई।
“एक दाने से पता चलता है पूरे पतीले का हाल”
सीपी सिंह ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा, “चावल के एक दाने को देखकर ही पूरे पतीले का हाल समझ में आ जाता है। अगर सरकार की मंशा साफ है, तो जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने में इतनी देरी क्यों?”
मंत्री ने माना—कमी है
स्वास्थ्य मंत्री ने सदन में स्वीकार किया कि राज्य में चिकित्सकों और फैकल्टी की कमी है। उन्होंने बताया कि जेपीएससी के साथ बातचीत हो चुकी है और 5, 6 और 7 मार्च को आयुष चिकित्सकों की बहाली के लिए विज्ञापन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
होम्योपैथी को बढ़ावा
मंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य में होम्योपैथी को प्रोत्साहन देने के लिए एक नई होम्योपैथी मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी। इससे न केवल पढ़ाई के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि भविष्य में डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ेगी। सदन में उठे इस मुद्दे के बाद सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने का दबाव बढ़ गया है।
